
गुना। मौलाना महमूद अरशद मदनी के विवादित भाषण के खिलाफ बजरंग दल ने सिटी कोतवाली में आवेदन देकर एफआईआर की मांग की। बजरंग दल ने थाना प्रभारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि 29 नवंबर को भोपाल में दिए गए मौलाना के भाषण में सांप्रदायिक तनाव फैलाने, भारत की न्यायिक व्यवस्था पर हमला करने और सशस्त्र संघर्ष के लिए उकसाने जैसे अत्यंत गंभीर तत्व मौजूद हैं, जो भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं में दंडनीय अपराध हैं। जिला संयोजक ब्रजेश प्रजापति ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया कि भाषण के दौरान मौलाना ने देश के बहुसंख्यक समुदाय पर अल्पसंख्यकों के उत्पीडऩ का आरोप लगाते हुए ऐसे बयान दिए, जिनका उद्देश्य सांप्रदायिक विभाजन और विरोध को बढ़ावा देना प्रतीत होता है। आवेदन में कहा गया कि यह कृत्य भा.न्या.सं. की धारा 196 और 353 के तहत लोक शांति भंग करने और समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने की श्रेणी में आता है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मौलाना ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति अपमानजनक टिप्पणी कर राष्ट्रीय एकता के प्रतीकों पर हमला किया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को पक्षपातपूर्ण बताते हुए न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अधिकार को चुनौती दी, जिसे भा.न्या.सं. की धारा 152 के तहत राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताया गया है। आवेदन में सबसे गंभीर आरोप उस बयान को बताया गया जिसमें मौलाना ने कथित रूप से कहा कि जहां उत्पीडऩ होगा, वहां जिहाद होगा। संगठन ने इसे सशस्त्र संघर्ष के लिए उकसाने वाला प्रत्यक्ष आह्वान बताते हुए अत्यंत खतरनाक बताया। बजरंग दल ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपित के खिलाफ जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
