डिफेंस की जमीन पर अवैध कब्जे को चुनौती

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में शहर के छावनी क्षेत्र में डिफेंस की जमीन पर कई लोगों द्वारा अवैध कब्जा किये जाने को चुनौती दी गई है। दायर मामले में कहा गया है कि वर्ष 1992 में 46 कब्जाधारकों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इनमें से अधिकतर प्रकरणों में अभी भी कार्रवाई नहीं की गई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने इस मामले में डायरेक्टर जनरल डिफेंस इस्टेट, रक्षा संपदा अधिकारी जबलपुर, एसडीओ विनय शर्मा व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई दो जनवरी को निर्धारित की है।

यह जनहित का मामला जबलपुर निवासी आबिद हुसैन की ओर से दायर किया गया है। जिन्होंने अपना पक्ष स्वयं रखा। उन्होंने बताया कि डिफेंस इस्टेट ऑफीसर ने पब्लिक प्रमाइस्ड एविक्शन ऑफ अन ऑथोराइज्ड ऑक्यूपेंट्स एक्ट 1978 के तहत 46 लागों को 1992 में बगीचा पीर साहब में डिफेंस की जमीन से कब्जा छोडऩे का नोटिस जारी किया था। इनमें से कुछ प्रकरणों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन शेष मामलों में अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। आवेदक ने कहा कि उक्त लोगों का डिफेंस की जमीन पर अवैध कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि डिफेंस इस्टेट ऑफीसर किसी के प्रभाव में कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि उक्त एक्ट के तहत नोटिस के तत्काल बाद कार्रवाई का प्रावधान है। याचिकाकर्ता ने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों को अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई है। मामले की सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।

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