जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में आरोप है कि जिस ग्राम में लाखों का गबन किया था, उसके सचिव राजनीतिक दवाब में पुन: वहीं पदस्थ कर दिया गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में लगे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
यह जनहित का मामला शहडोल गोहपारू तहसील के ग्राम खानौधी निवासी जनपद सदस्य दुर्गा प्रसाद तिवारी की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता सुनंदा केशरवानी ने पक्ष रखा। जिसमें कहा गया है कि शहडोल जिला पंचायत सीईओं ने 17 जून 2025 को स्थानातंरण सूची जारी की। जिसमें अंकुरी ग्राम जिला शाहदोल में पदस्थ सचिव
अवधेश कुशवाहा का ट्रांसफर ग्राम खनौधी कर दिया है, जबकि पूर्व में ग्राम खनौधी में पदस्थ रहते हुए अनावेदक ने लाखों का हेरफेर व वित्तीय अनियमित्ताएं की थी। जिसकी एफआईआर भी दर्ज करायी गई थी। आवेदक की ओर से कहा गया कि ट्रांसफर पालिसी के अनुसार यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध किसी ग्राम पंचायत में मामले हो तो उसका ट्रांसफर वहां नही किया जा सकता। मामले में मप्र शासन के प्रमुख सचिव, शहडोल कलेक्टर, जिला व जनपद पंचायत सीईओ और अनावेदक अवधेश कुशवाहा को पक्षकार बनाया गया है। मामले की सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये।
