इंदौर: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए शहर में छात्रों को डिजिटल सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के लिए पुलिस द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों को फाइनेंशियल फ्रॉड से लेकर सोशल मीडिया जोखिमों तक के वास्तविक उदाहरणों के साथ सतर्क रहने के तरीके बताए गए.साइबर अपराधों पर नियंत्रण और जागरूकता बढ़ाने के अभियान के तहत इंदौर पुलिस ने शहर के एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 300 विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के अहम पहलुओं से अवगत कराया.
कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड, फाइनेंशियल धोखाधड़ी और सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों से बचने के लिए व्यावहारिक उदाहरणों के साथ स्पष्ट मार्गदर्शन दिया. सत्र के दौरान छात्रों को बताया गया कि तकनीक के इस दौर में छोटी-सी चूक भी अपराधियों को मौका दे सकती है. इसलिए मोबाइल, ऑनलाइन पढ़ाई, गेमिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर भरोसा न करने और निजी जानकारी किसी से साझा न करने की समझाइश दी गई.
पुलिस टीम ने यह भी बताया कि साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन, वेबसाइट या इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत कर सहायता प्राप्त की जा सकती है. कार्यक्रम में छात्रों को इंदौर पुलिस के आधुनिक एआई आधारित सुरक्षा चैटबोट सेल्फ क्लिक और एआई शॉल्यूशन से भी परिचित कराया. यह चैटबोट साइबर फ्रॉड से बचने के टिप्स, तुरंत जानकारी और शिकायत प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करता है. पुलिस ने बच्चों से अपील की कि डिजिटल दुनिया में कदम-कदम पर सतर्क रहकर ही साइबर अपराधों से सुरक्षित रहा जा सकता है.
