इंदौर: धार जिले के केसरी ग्राम निवासी एक गर्भवती महिला को इंदौर से लौटते समय अचानक प्रसव पीड़ा हुई. अस्पताल पहुंचना मुश्किल था, तभी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया ने राह में फंसे परिवार को बड़ी राहत दे दी.इंदौर से धार जिले के अपने गांव लौट रहे केसरी ग्राम निवासी श्याम की सुबह अपनी गर्भवती पत्नी और बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर निकले थे. कलारिया ग्राम के बाहरी हिस्से से गुजरते समय महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसने तेज दर्द की शिकायत की.
श्याम ने तुरंत वाहन रोका और आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी. गांव वालों ने उन्हें जनपद अध्यक्ष रवि चौधरी से बात करने की सलाह दी. श्याम ने स्थिति बताई तो जनपद अध्यक्ष ने बिना देर किए कलारिया स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ सुनीता डांगी से संपर्क कर तत्काल सहायता के निर्देश दिए. सूचना मिलते ही सुनीता डांगी मेडिकल किट लेकर मौके पर पहुंचीं.
उन्होंने देखा कि बच्चे का सिर बाहर आ चुका था और अस्पताल ले जाने का वक्त नहीं था. मौके की नजाकत को समझते हुए उन्होंने वहीं सड़क किनारे सुरक्षित प्रसव कराया. इस दौरान संजीवनी 108 एम्बुलेंस भी पहुंच गई थी. महिला को रक्तस्राव होने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेटमा रेफर किया. बेटमा सीएचसी में मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं. दंपति और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य टीम की त्वरित और भरोसेमंद सेवाओं पर संतोष जताते हुए आभार व्यक्त किया.
