वाशिंगटन, 18 नवंबर (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि जब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मंगलवार को व्हाइट हाउस आएंगे तो वह सऊदी अरब को एफ-35 लड़ाकू विमानों की बिक्री को मंजूरी देंगे । यह सात वर्षों में क्राउन प्रिंस की पहली अमेरिका यात्रा है।
सीएनएन ने बताया कि श्री ट्रम्प अमेरिका-सऊदी संबंधों को मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं और साथ ही वे क्राउन प्रिंस से अब्राहम समझौते में शामिल होने का भी आग्रह कर रहे हैं। उन्नत युद्धक विमानों की बिक्री की दिशा में आगे बढ़ने संबंधी सवाल पर पत्रकारों के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हम ऐसा करेंगे।”
श्री ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “हम एफ-35 बेचेंगे और सऊदी अरब हमारा बहुत अच्छा सहयोगी हैं।”
क्राउन प्रिंस के स्वागत के लिए सैन्य बैंड, तोपों की सलामी और घोड़ों के साथ स्वागत समारोह तथा ब्लैक-टाई डिनर का आयोजन भी सूची में शामिल है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता ओवल ऑफिस में होगी। इसे हालांकि औपचारिक राजकीय यात्रा नहीं कहा जा रहा है लेकिन इस कार्यक्रम में हरित प्रौद्योगिकी, डिजिटल अवसंरचना, जैव प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा के लिए एक प्रमुख निवेश मंच शामिल है।
श्री ट्रम्प ने कहा कि वह सऊदी अरब के अब्राहम समझौते में शामिल होने पर चर्चा की उम्मीद करते हैं, जो इजरायल और कई अरब देशों के बीच अमेरिका द्वारा मध्यस्थता वाला सामान्यीकरण समझौता है। उन्होंने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा था, “अब्राहम समझौते पर हम चर्चा करेंगे। मुझे उम्मीद है कि सऊदी अरब जल्द ही अब्राहम समझौते में शामिल होगा।”
वर्तमान में इजरायल मध्य पूर्व का एकमात्र देश है जिसके पास एफ-35 विमान हैं। इनकी कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर प्रति विमान है और इन्हें विश्व के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। इज़रायल वाशिंगटन और रियाद के बीच संभावित हथियार समझौते का विरोध करता है क्योंकि इज़रायल की गुणात्मक सैन्य बढ़त को बनाए रखना अमेरिकी कानून में निहित है। अमेरिका दशकों से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इज़रायल संभावित क्षेत्रीय विरोधियों पर अपनी बेहतर सैन्य क्षमता बनाए रखे।
इस बीच सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी कांग्रेस सऊदी अरब को एफ-35 के निर्यात लाइसेंस को रोक सकती है।
