तलेन: देश आजाद हुआ और तलेन को स्कूल, थाना, अस्पताल, पंचायतें, परिषद सड़क, बिजली मिल गई. इन सब चीजों के बीच बच्चों को पढ़ाई की पूरी आजादी मिली लेकिन उच्य शिक्षा के लिए पलायन ही करना पड़ रहा है. तलेन नगर में आजादी के बाद से अभी तक सरकारी कॉलेज नहीं बन पाया. करीब 25 वर्ष पूर्व 3 हैक्टेयर जमीन का आवंटन किया गया था लेकिन उस जमीन पर कॉलेज का भवन देखने का सपना अधूरा ही है. मामले में नागरिकों, संगठनों ने कई बाद अपनी मांग उठाई लेकिन बात दूसरी अन्य सुविधाओं के बीच गौण हो गई.
एक बार फिर से विद्यार्थी जगत की ओर से मांग उठने लगी है. तलेन नगर जी कि अब विस्तार ले रहा है, साल दर साल 12 वीं पास करने वाले विद्यार्थियों का कुनबा भी तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन उन सभी सैकड़ों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की दहलीज चढ़ने के लिए पलायन ही करना पड़ रहा है.तलेन अंचल में पिछले दो बोर्ड परीक्षा परिणामों पर गौर किया जाए तो प्रदेश की मैरिट में यहां की बेटियों ने स्थान बनाया है.
लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी इन बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए पलायन करना पड़ रहा है. इनमें शासकीय कन्या हाई स्कूल तलेन का कक्षा दसवीं का बोर्ड परीक्षा 80 प्रति. रहा जिसमें प्रथम स्थान छात्रा हंस उमठ पिता महेंद्र सिंह 93.4 प्रतिशत द्वितीय स्थान छात्र अनमोल विश्वकर्मा पिता सुरेश कुमार 89.4 प्रतिशत तृतीय स्थान सुमैया अंसारी पिता मेहमूद खां, निकिता रुहेला पिता गजराज सिंह 82.4 प्रतिशत ने प्राप्त किया, वहीं समीप के इकलेरा से कक्षा 12वीं में अंजलि राठौर 92, सलोनी सैनी 91.2, विकास प्रजापति 90.4, ज्योति प्रजापति ने 90, अंक प्राप्त किये, इसी प्रकार कक्षा दसवीं में प्रतिभा सोनी 95.2. बुलबुल शर्मा 94.2. राशि सैनी 93.8. नितिन अहिरवार 92.2, नीलम धनगर 91.2. साधना सिसोदिया 90.6 एवं अंशिका खीची ने 90 प्रति. अंक प्राप्त किये.
दो निजी कॉलेज लेकिन परीक्षा सेंटर नहीं
तलेन नगर में वर्तमान में दो निजी कॉलेज संचालित हो रहे है. लेकिन इन कॉलेज में विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे सकते क्योंकि परीक्षा सेंटर की यहां अनुमति नहीं है. ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए नरसिंहगढ़, पचोर या शुजालपुर जाना पड़ता है. कुल मिलाकर इन कॉलेज के होने के बाद भी विद्यार्थियों के सामने अंतिम रूप से कॉलेज की पूर्ण सुविधा का संकट बना हुआ है.
ढाई दशक से भवन के इंतजार में 3 हैक्टेयर जमीन
वर्ष 2000 में ठलेन के नागरिकों ने इस मांग को प्रबल तरीके से उठाया था. इसके बाद कलेक्टर द्वारा राजस्व खाते से वार्ड नंबर 4 के पास सर्वे नंबर 98/1 की कुल 3 हैक्टेयर जमीन का आवंटन किया था, कलेक्टर के प्रकरण 682/1/59 के अंतर्गत दिनांक 28 फरवरी 2000 को यह जमीन बकायदा शासकीय कॉलेज के लिए आवंटित की जा चुकी है. लेकिन यह आवंटन 25 साल बाद भी खाली जमीन के रूम है. इस पर कॉलेज भवन नहीं बन पाया है. इस बीच सरकारें बनी, अधिकारी आए और गए लेकिन कॉलेज नहीं बना.
एक दर्जन स्कूल, एक हजार विद्यार्थी हर साल पास आउट
आवश्यकता के लिहाज से आंकड़ों पर गौर किया जाए तो तलेन नगर सहित आसपास के बड़े कस्बों जैसे इकलेरा इत्यादि में करीब एक दर्जन हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित है. यहां से हर साल करीब एक हजार के आसपास विद्यार्थी 12 वीं की परीक्षा देते है और पास होकर निकलते है. इसी वर्ष मार्च 25 में 935 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा में विभित्र संकायों में भाग लिया था. ऐसे में यह औसत आंकड़ा एक महाविद्यालय को संचालित रखने के लिए काफी है.
विधायक बोले, अब जल्द घोषणा करवाऊंगा
6 मैंने इस मामले में उच्च शिक्षा मंत्री से बात की है उन्हें मांग पत्र सौंपा है और पूरी स्थिति से अवगत कराया है. इसमें सबसे बड़ी तकनीकि समस्या दूरी को लेकर है तलेन शुजालपुर और पचोर से 30 किमी से कम दूरी पर है. ऐसे में यह महाविद्यालय स्थापना के लिए जरूरी शतों का उबंधन करता है. लेकिन भौगोलिक स्थिति से परे जाकर मैंने यूजीसी और उच्च शिक्षा मंत्री को यहां की प्रतिभाओं, वर्ष दर वर्ष बढ़ती संख्या, शहर के विस्तार और यहां शिक्षा को लेकर संभावनाओं पर बात की है नागरिकों की मांग पूरी करने के लिए नियमों में शिथिलता रखते हुए मंजूरी दिलवाने की मांग की है. अब समय समीप है जल्द इसकी घोषणा करवाउंगा
मोहन शर्मा, विधायक नरसिंहगढ़
हमने एक बार फिर से ज्ञापन कलेक्टर महोदय के नाम पर दिया है. यहां विद्यार्थियों को 12 वी के बाद सोचना पड़ता है कि किस शहर के कॉलेज में दाखिला लें कई बार सीट नहीं होती ती वे भटकते है. यह प्रकिया हर साल हो रही है. जमीन है, विद्यार्थी है तो शासन को व्यवस्था करनी चाहिए
बादल यादव, छात्र नेता तलेन
