
सीधी। नगर पालिका परिषद सीधी में कांग्रेसी पार्षदों की आपसी लड़ाई से कांग्रेस बैकफुट में आ चुकी है। लड़ाई से जिले की सियासत गरमा गई है। नगरपालिका परिषद सीधी की बैठक में नपा उपाध्यक्ष एवं नपा निर्माण कमेटी अध्यक्ष के बीच हुये विवाद को संज्ञान में लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मामले की जांच करने कमेटी गठित करेगी।
गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद सीधी की अहम बैठक सभागार में शुक्रवार को आयोजित की गई थी। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा, नपा उपाध्यक्ष दानबहादुर सिंह, निर्माण कमेटी अध्यक्ष आनंद सिंह समेत पार्षदगण एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती मिनी अग्रवाल व नगर पालिका के संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक में चर्चा के लिये 20 बिन्दुओं का एजेण्डा निर्धारित किया गया था। बैठक में एजेण्डा में निर्धारित करीब करीब 5 बिन्दुओं पर चर्चा हो चुकी थी। इसी दौरान नपा उपाध्यक्ष दानबहदाुर सिंह ने 126 नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारियों का मामला उठाते हुये कहा कि यह कर्मचारी कहां काम कर रहे हैं इसकी जानकारी दी जाय। इस पर निर्माण कमेटी अध्यक्ष आनंद सिंह ने कहा कि एजेण्डा में निर्धारित सभी बिन्दुओं पर चर्चा होने के पश्चात इस पर बात की जायेगी। किन्तु उपाध्यक्ष दानबहादुर सिंह इस पर तत्काल जानकारी चाहते थे। इसी बात को लेकर बैठक में तू-तू, मैं-मैं दोनों के बीच शुरू हो गई और पानी के बॉटल चलने लगे। विवाद की स्थिति गंभीर रूप से निर्मित हो जाने के कारण नपा अध्यक्ष एवं सीएमओ सभागार से बाहर निकल गईं। यह विवाद इसके बाद भी शुरू रहा, जिसके कारण मौके पर पुलिस भी आई और मामले का शांत कराया। यह खबर आग की तरह फैलते ही कांग्रेस की किरकिरी होनाा शुरू हो गई। नगर पालिका में कांग्रेस की सरकार है लेकिन गुटों में बटे कांग्रेस पार्षदों के कारण विवाद की स्थिति लगातार बनी हुई है। पहले उपाध्यक्ष के चेम्बर को लेकर विवाद हुआ और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। अब नया विवाद शुरू हो गया।
दो कांग्रेसियों के बीच पानी के बाटल युद्ध में पानी-पानी हुई कांग्रेस
नगर पालिका परिषद की बैठक में शुक्रवार की दोपहर दो कांग्रेसियों के बीच पानी के बाटल युद्ध से कांग्रेस पानी-पानी हो गई है। लोगों में चर्चा है कि नगर पालिका में कांग्रेस की सरकार है और भाजपा विपक्ष में है। विपक्ष को जो तेवर अपनाने चाहिये वह तो नजर नहीं आता लेकिन विपक्ष की पूरी भूमिका गुटों में बंटे कांग्रेस के पार्षद ही निभा रहे हैं। कांग्रेस पार्षदों के बीच बने मतभेद के चलते नगर पालिका की ओर से अहम निर्णय लेने के दौरान सहमति भी नजर नहीं आती।
स्थानीय सोशल मीडिया में जबरदस्त ट्रोल हो रहा मामला
नगर पालिका परिषद की बैठक में कांग्रेस के दो वरिष्ठ पार्षदों के बीच हुआ विवाद का मामला स्थानीय सोशल मीडिया में जबरदस्त ट्रोल हो रहा है। लोगों की प्रतिक्रिया भी जिस तरह से आ रही है उससे कांग्रेस की किरकिरी हो रही है। जानकारों का कहना है कि लोगों के बीच कांग्रेसियों का यह विवाद काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग यह भी कह रहे हैं कि कांग्रेस पार्षदों के बीच आपसी सामंजस्य ना होने के कारण इस तरह की स्थिति निर्मित है। इसको संज्ञान में लेकर वरिष्ठ नेताओं को हस्ताक्षेप करना चाहिये।
कोतवाली पहुंचने से गंभीर हो गया मामला
नगर पालिका परिषद में कांग्रेस के दो वरिष्ठ पार्षदों के बीच हुये विवाद का मामला कोतवाली थाना भी पहुंच गया है। उपाध्यक्ष दानबहादुर सिंह एवं निर्माण कमेटी अध्यक्ष आनंद सिंह के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा की ओर से भी लिखित रिपोर्ट की गई है। कोतवाली पुलिस तीनों लिखित रिपोर्टों पर अब अपनी विवेचना शुरू कर चुकी है। विवेचना में जो भी साक्ष्य आयेंगे, उसके अनुसार कार्यवाही की बात पुलिस कह रही है।
इनका कहना है
नगर पालिका में हुये विवाद के संज्ञान में आते ही इसकी जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी गई है। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मामले की जांच करने कमेटी का गठन किया जायेगा
ज्ञान सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, सीधी
