
सिंगरौली: ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) संभाग सिंगरौली की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डीएमएफ मद से वर्ष 2021–22 में 89 आंगनवाड़ी केंद्र भवनों के उन्नयन के लिए लगभग ₹45 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अधिकांश कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं।जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से अब तक इन कार्यों की प्रगति या पूर्णता का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है।
इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि कार्यों की समय-समय पर समीक्षा नहीं होने से परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।आम आदमी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सोनी ने कहा कि प्रभारी मंत्री और जिम्मेदार अधिकारी यदि नियमित समीक्षा करते तो कार्य समय पर पूर्ण हो जाते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कार्यों में धन के अनुचित उपयोग की आशंका है।इधर, हाल ही में नवागत कलेक्टर गौरव बैनल के पदभार संभालने के बाद नागरिकों को उम्मीद है कि डीएमएफ राशि से चल रहे कार्यों में पारदर्शिता आएगी और लंबित परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
