इंदौर: शनिवार को वासुदेव नगर निवासी और अहिल्या आश्रम विद्यालय की पूर्व शिक्षिका श्रीमती लीला काले ने अपने नेत्र, त्वचा और देहदान कर समाज में परोपकार का अद्वितीय उदाहरण स्थापित किया. दो वर्ष पूर्व उन्होंने सामाजिक संस्था दधीचि मिशन में अपने अध्ययन का लिखित संकल्प लिया था, जिसे उन्होंने आज साकार किया.
काले परिवार ने दिवंगत की इच्छा के अनुसार उनके अंग और देहदान कर समाज को परोपकार का संदेश दिया.
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मृतक को शासकीय सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया. इस अवसर पर शिक्षा जगत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े वरिष्ठ व्यक्तियों ने शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं और इस परोपकारी कदम की प्रशंसा की. नेत्रदान एमवाय आई बैंक और त्वचा दान चोइथराम स्किन बैंक के माध्यम से प्राप्त हुआ. देहदान एमजीएम मेडिकल कॉलेज में किया, जहां दिवंगत का शरीर विद्यार्थियों की मानव शरीर संरचना एनाटॉमी की पढ़ाई में उपयोग होगा.
दिवंगत की यह देहदान न केवल दृष्टिहीन व्यक्तियों की आंखों की रोशनी लौटाएगी, बल्कि चिकित्सा जगत के विद्यार्थियों के लिए अमूल्य शिक्षा संसाधन भी बनेगी. समन्वय और तकनीकी सहायता में दिवंगत के पुत्र एवं संघ के पूर्व प्रचारक मनीष काले, एमवाय आई बैंक के डॉक्टर और जयवंत निकम, तथा एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मार्को शामिल रहे. मध्यप्रदेश में पिछले चार वर्षों में यह सातवां देहदान है, और मुख्यमंत्री के द्वारा दिए जाने वाला गार्ड ऑफ ऑनर इस कार्य को और भी सम्मानजनक बनाता है. इससे न केवल परिवार को संतोष मिलता है, बल्कि समाज में भी परोपकार और मानवता की भावना को बढ़ावा मिलता है.
