
भोपाल। आज धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो रही है। राजधानी के बाजार दीपावली की रौनक से सजे हुए हैं। परंपरानुसार धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। पंडितों के अनुसार, झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसे 1, 3, 5 या 7 की विषम संख्या में खरीदना शुभ होता है। कहा जाता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि व शांति बनी रहती है।
क्यों मनाई जाती है धनतेरस
पंडित मुकेश ने बताया कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी दिन को धनत्रयोदशी या धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि को स्वास्थ्य और आयुर्वेद का देवता माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा आरोग्य और दीर्घायु की कामना से की जाती है। साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा भी धन-संपन्नता के लिए की जाती है।
शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
पंडित रामराव चढ़ोकर के अनुसार, धनतेरस की पूजा के लिए सबसे शुभ समय शाम 7 बजकर 11 मिनट से रात 9 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। यह गोधूलि बेला का समय है, जिसे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है।
बाबा बटेश्वर मंदिर में 5001 दीपों से होगा दीपोत्सव
श्री बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति की ओर से धनतेरस और शनि प्रदोष पर्व पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर, मां लक्ष्मी और बाबा बटेश्वर का जवाहरात, नोट और पुष्पों से श्रृंगार किया जाएगा। 5001 दीपों से शिवालय को आलोकित किया जाएगा। समिति के संजय अग्रवाल और प्रमोद नेमा ने बताया कि बाबा बटेश्वर और मां गौरा का 11 लाख रुपये के नए नोटों और डेढ़ किलो सोने-चांदी के आभूषणों से विशेष श्रृंगार कर रात 10 बजे दीपोत्सव मनाया जाएगा।
धनतेरस पर क्या खरीदें
पंडितों के अनुसार, धनतेरस पर धातु खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। लोग इस दिन सोना, चांदी, पीतल या कांसे के बर्तन खरीदते हैं। इसके अलावा दीपावली पूजन के लिए गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं, दीपक और अन्य पूजन सामग्री खरीदना भी मंगलकारी माना गया है।
