सागर: बुंदेलखंड के संभागीय मुख्यालय सागर को स्मार्ट सिटी घोषित हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था अब भी अव्यवस्था के जाल में उलझी हुई है. ट्रैफिक सुधार के लिए प्रशासन द्वारा कई कदम उठाए गए, सड़कों पर लाल, पीली और सफेद लाइनें खींची गईं, पार्किंग क्षेत्र चिह्नित किए गए,लेकिन नतीजा शून्य रहा. अब तो ये लाइनें फीकी पड़ चुकी हैं और आरक्षित पार्किंग स्थलों पर दुकानों ने कब्जा जमा लिया है.
शहर के हृदय स्थल जामा मस्जिद क्षेत्र में हालात सबसे खराब हैं. यहां सड़कों और फुटपाथों पर हाथ ठेले व अवैध दुकानें लगे होने से आवागमन बाधित रहता है. गौर मूर्ति से लेकर यातायात थाना तक दोनों ओर सड़कें फुटपाथ दुकानों से अटी पड़ी हैं. फल-सब्जी विक्रेता पुरानी सब्जी मंडी या नया बाजार जाने को तैयार नहीं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है.
साबूलाल मार्केट और गुजराती बाजार में भी यही स्थिति है. मार्केट में निर्माण कार्य शुरू होने के बाद सड़क किनारे ठेले पर सब्जी और कपड़ों की दुकानें जम गई हैं. निगम मार्केट और बख्शीखाना क्षेत्र में तो हालत यह है कि दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं.यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने अब नए नियम लागू करने की तैयारी की है.
निगम के साधारण सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि नियम विरुद्ध पार्किंग करने पर दोपहिया वाहनों से ₹10 और चारपहिया से 20 जुर्माना लिया जाएगा. वहीं, मुख्य बाजार में स्थायी रूप से खड़े रहने वाले वाहनों से अधिक पार्किंग शुल्क वसूलने की योजना को भी मंजूरी दी गई है.हालांकि, नागरिकों का कहना है कि जब तक फुटपाथों और सड़कों पर अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक स्मार्ट सिटी में स्मार्ट ट्रैफिक केवल कागजों पर ही रहेगा.
