शाढ़ौरा: नारायण दास जी की पावन नगरी शाढ़ौरा में रामलीला की प्राचीन परंपरा चली आ रही है। हर वर्ष की भांति इस बार भी 24 अक्टूबर से रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। गुरुवार को झंडा गाड़कर रामलीला मंडल ने औपचारिक रूप से तैयारियां शुरू कर दी हैं। विधि-विधान से पूजन-अर्चना के बीच आयोजित इस समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
रामलीला मंडल के अनुसार, यह आयोजन श्रीरामचरितमानस पर आधारित होगा, जिसमें राम जानकी के जीवन के प्रमुख प्रसंगों का जीवंत चित्रण होगा। मंडल समिति के रामकृष्ण रघुवंशी ने बताया कि इस वर्ष की रामलीला में स्थानीय कलाकारों के साथ साथ युवाओं को भी प्रमुख भूमिकाएं सौंपी गई हैं, ताकि सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। झंडा गाड्ने की रस्म के दौरान वेद मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन से बातावरण भक्तिमय हो गया। शादौरा रामलीला की यह परंपरा दशकों पुरानी है, जो न केवल धार्मिक
आस्था को मजबूत करती है, बल्कि सामुदायिक एकता का भी प्रतीक बनी हुई है।तैयारी जोरों पर, स्थानीय सहयोग से बनेगा भव्य मंचःरामलीला का मंचन खाडिया मोहल्ला शाढ़ौरा के प्रमुख मैदान पर होगा, जहां पिछले वर्षों की तरह विशाल स्टेज, रंगमंच सज्जा और विशेष प्रभावों से सजी प्रस्तुति होगी। मंडल के सदस्यों ने बताया कि चलने वाली इस रामलीला में रावण वध का भव्य दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
