
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से बच्चों की हुई मौतों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार की “घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता” की निंदा करते हुए तत्काल जवाबदेही तय करने और पारदर्शी जांच की मांग की है।
पटवारी ने कहा कि यह घटना सरकार की नाकामी और उदासीन रवैये का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु सरकार ने पहले ही इस सिरप के एक दूषित बैच को लेकर चेतावनी जारी की थी, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उन चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया। पटवारी ने सवाल उठाया, “क्या सरकार को बच्चों की जान लेने का लाइसेंस मिल गया है?” उन्होंने कहा कि यदि सरकार में नैतिकता बची है, तो स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
प्रयोगशाला जांच में सिरप के सैंपल में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीले तत्व की पुष्टि हुई है, जो गुर्दे को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इस खुलासे के बाद कई राज्यों में सिरप की बिक्री पर रोक और जब्ती की कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश में भी उत्पाद की बिक्री व वितरण पर रोक लगाई गई है तथा एक विशेष जांच दल गठित किया गया है।
पटवारी ने कहा कि यह पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए कि यह दूषित सिरप बाजार में कैसे पहुंचा और इसमें कौन-कौन अधिकारी व कंपनियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी “सड़क से लेकर सदन तक” इस मुद्दे को उठाएगी जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती। वहीं राज्य सरकार ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सभी फार्मा स्टॉक्स की दोबारा जांच कराई जाएगी।
