
भोपाल।आईपीएस प्रवीर रंजन ने सीआईएसएफ के महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया. वह एजीएमयूटी कैडर से भारतीय पुलिस सेवा के 1993 बैच के अधिकारी हैं. अप्रैल 2024 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं. सीआईएसएफ के महानिदेशक के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले, उन्होंने बल के संवेदनशील एयरपोर्ट सिक्योरिटी क्षेत्र का नेतृत्व विशेष महानिदेशक के रूप में किया.
शैक्षणिक क्षेत्र में रंजन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर उपाधि, उस्मानिया विश्वविद्यालय से पुलिस प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि, सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से लोक प्रबंधन में स्नातकोत्तर उपाधि और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, नई दिल्ली से एलएलएम की उपाधि प्राप्त की है.
32 वर्षों के अपने विशिष्ट करियर में, उन्होंने कई प्रमुख पदों पर कार्य किया है, जिनमें स्पेशल सीपी/क्राइम और ईओडब्ल्यू, दिल्ली पुलिस; डीआईजी, सीबीआई: केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआईएसएफ में एडीजी के रूप में शामिल होने से पहले, उन्होंने चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशक का कार्यभार भी संभाला.
रंजन, सीआईएसएफ के 32वें महानिदेशक हैं, उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (2016) और सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (2009) से सम्मानित किया गया है.
सीआईएसएफ लॉन में आयोजित एक आंतरिक समारोह के दौरान, उन्हें सीआईएसएफ मुख्यालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और बाद में उन्होंने बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की. अपने संबोधन में महानिदेशक ने “बल को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए बल के संचालन में आधुनिकीकरण, कल्याण में संवेदनशीलता तथा प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखने” की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया. उन्होंने राष्ट्रीय उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय के निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
पुलिसिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा में अपने समृद्ध अनुभव और अपनी मज़बूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, प्रवीर रंजन के नेतृत्व में सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में नई ऊँचाइयों को छूने और अपनी यात्रा में नए मील के पत्थर हासिल करने के लिए तैयार है.
