जबलपुर: बरगी निवासी बम्हनौदा निवासी युवक ने कर्जा चुकाने स्वयं के झूठे अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस जांच में पर्दाफाश हुआ। पूछताछ में यह बात सामने आई कि युवक कर्जे में डूबा था जिसे चुकाने के लिए उसने अपने दोस्तों को पैसों का लालच दिया और षडयंत्र रचते हुए खुद के झूठे अपहरण की साजिश रचते हुए अपने चाचा से चार लाख रूपए की फिरौती की मांग की थी। मामले में तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार बरगी बम्हनीदा निवासी राजकुमार पटेल 48 वर्षीय ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मंगलवार को चाचा विष्णु पटेल के साथ तिलहरी में प्लॉट देखने गया था। उसके साथ आशीष पटेल था। प्लॉट देखने के बाद आशीष ने राजकुमार को एकता मार्केट के पास छोड़ा, यहां से आशीष शहर की ओर रवाना हो गया और राजकुमार अपनी बाइक लेकर अपने घर के लिए रवाना हुआ था, राजकुमार बारहा से बघराजी के बीच पहुंचा तभी बिना नंबर की कार सवार युवकों ने उसे रोका और नशीला पदार्थ सुघाकर उसका अपहरण कर लिया गया, इसके बाद उसके फोन से चाचा विष्णु को वॉट्सएप पर कॉल करवाया और फिर उनसे 4 लाख की फिरौती की मांग की थी।
हालांकि बाद में उसे गौर पुलिस चौकी से करीब दो किलोमीटर दूर छोडक़र भाग गये थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। अज्ञात आरोपियों के खिलाप प्रकरण दर्ज कर पतासाजी शुरू की तो मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद राजकुमार पर शक की सुई घूमी। पुलिस ने पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। जिसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ शुरू की तो उसने राज उगला।
ग्रामीण उप पुलिस अधीक्षक आकांक्षा उपाध्याय ने बताया कि राजकुमार ने अपने दो दोस्तों रोहित कुंडे और उदय के साथ मिलकर स्वयं के अपहरण की झूठी कहानी रची थी। राजकुमार कर्जे में डूबा है जिसे पटाने के लिए उसने झूठी कहानी रचते हुए अपने चाचा से चार लाख रूपए की डिमांड की थी। साथ ही अपने दोस्तों को दस-दस हजार रूपए देने का भी लालच दिया था। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।
