
सौसर। त्योहारी सीजन में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। होटलों, ढाबों, गुमठियों और साप्ताहिक बाजारों में खुलेआम मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं, जो लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गए हैं। अस्पतालों में रोज़ाना पेट संबंधी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। मिठाई, दूध, घी, तेल और सड़े-गले फल भी बिक्री में हैं।
डॉक्टरों ने टाइफाइड, डायरिया, फूड पॉयजनिंग और गैस्ट्रिक संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी का उल्लेख किया। बीएमओ डॉ. योगेश शुक्ला ने घर का बना ताज़ा भोजन खाने की सलाह दी।
खाद्य विभाग की कार्यवाही केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है, जबकि चाट-फास्ट फूड ठेलों पर सफाई और सैंपलिंग नहीं होती। नगर और ग्रामीण होटलों में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग बड़े हादसे का खतरा बढ़ा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सख्त निगरानी और अभियान चलाने की मांग की है, वरना संक्रमण और हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
