ग्वालियर:चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व उपाध्यक्ष व व्यापारी नेता पारस जैन सर्राफ ने कहा है कि चेंबर आफ कामर्स का दायरा विस्तृत होना चाहिये। उन्होंने कहा कि व्यापार-उद्योग से जुडे मुददे तो चेंबर के कार्यक्षेत्र में है, लेकिन शहर से सरोकार हम भूलते जा रहे है, कुछ लोगों ने चेंबर को केवल अपनी मनमर्जी पर चलाया है, जबकि चेंबर का काम धरना, प्रदर्शन या किसी अधिकारी का विरोध करना नहीं होना चाहिये, यह छोटी संकीर्ण मानसिकता है।
पारस जैन सर्राफ ने कहा कि चेंबर में लगभग 3300 सदस्य हैं और इसकी यूनिटी व अनुभव का लाभ पूरे शहर को मिले, शहर का समुचित विकास हो, सडकें इंदौर, भोपाल, मेरठ, आगरा, जयपुर की तरह होनी चाहिये। शहर की सडकों की दुर्गति पर चेंबर में चर्चा होना चाहिये, गिरते व्यापार को लेकर शहर के व्यापारी चिंतित है, कोई भी देख नहीं रहा है, सब चुप्पी साधे है आखिर क्यों। उनका मानना है कि चेंबर के जब सब 3300 सदस्य शहर के लिये एक साथ आगे आयेंगे तो हमारा शहर भी किसी से पीछे नहीं रहेगा।
पारस जैन ने यह भी कहा कि चेंबर के सदस्य पूरे शहर के कोने-कोने में फैले है, उनका लाभ शहर को मिलना चाहिये। पारस जैन ने कहा कि चेंबर आफ कामर्स का उददेश्य औद्योगिक विकास व व्यापार में वृद्धि भी है, इसके बिना विकास अधूरा है। चेंबर ही ऐसा माध्यम है जो केन्द्र व राज्य की योजनाओं के अमलीजामा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। हमारे व्यापारी भाई अनजाने में इन योजनाओं का लाभ ही नहीं उठा पाते है।
