भोपाल: प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में दिव्यांगजन लगातार उपेक्षा और अन्याय का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 35 लाख दिव्यांगजन हैं, लेकिन सरकार उन्हें न तो संवैधानिक अधिकार दे रही है और न ही पर्याप्त पेंशन।सक्सेना ने कहा कि जहाँ सरकार लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत महिलाओं को ₹1250 प्रतिमाह दे रही है, वहीं दिव्यांगजनों को केवल ₹600 की पेंशन दी जाती है, जो RPwD Act, 2016 का उल्लंघन है।
इस अधिनियम के अनुसार दिव्यांगों को सामान्य लाभार्थियों से 25% अधिक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट दोनों ही सरकार को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दे चुके हैं।उन्होंने UDID कार्ड वितरण में गंभीर लापरवाही का मुद्दा उठाया। उनके अनुसार प्रदेश में केवल 9.5 लाख दिव्यांगों को ही यह कार्ड मिला है, जबकि कुल संख्या 35 लाख से अधिक है। इसी तरह दिव्यांग बच्चों का अनिवार्य सर्वेक्षण भी अब तक नहीं हुआ, जिससे उनकी शिक्षा और रोजगार पर असर पड़ रहा है।
सक्सेना ने माँग की कि पेंशन को बढ़ाकर न्यूनतम ₹1562 किया जाए, सभी दिव्यांगों को UDID कार्ड समय पर मिले, आरक्षित पदों पर नियुक्तियाँ हों और हर वर्ष सर्वेक्षण कराया जाए। साथ ही दिव्यांग कल्याण के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन विशेष प्रकोष्ठ गठित किया जाए।उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केवल 600 रुपये की पेंशन देकर दिव्यांगों की गरिमा और अधिकारों का अपमान किया जा रहा है। कांग्रेस उनकी लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
