अगस्त में वाणिज्यिक निर्यात में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि

नयी दिल्ली, 15 सितम्बर (वार्ता) देश से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 35.1 अरब डालर पर पहुंच गया तथा माह के दौरान आयात 6।.59 अरब डालर रहा जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.12 प्रतिशत कम है।

यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों में दी गयी है। पिछले वर्ष अगस्त में वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात 32.89 अरब डालर और आयात 68.53 अरब डॉलर के बराबर था।

इस बार अगस्त माह में व्यापार घाटा ( वाणिज्यिक आयात और निर्यात का अंतर) गिर कर 26.49 अरब डालर के बराबर रहा जो एक माह पहले 27.35 अरब डालर और पिछले साल अगस्त में 35.64 अरब डालर था।

चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों , अप्रैल-अगस्त 2025-26 में कुल वाणिज्यिक निर्यात 184.13 अरब डालर और आयात 306.52 अरब डालर के बराबर रहा।

वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने संवाददाताओं से कहा कि वैश्विक वातावरण और व्यापार नीति संबंधी अनिश्चतताओं के बावजूद भारत के निर्यात क्षेत्र का प्रदर्शन मजबूत है।

निर्यात संघों के महासंघ फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने व्यापार आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगस्त 2025 में निर्यात में 6.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि खासकर, मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के मद्देनजर, भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए एक स्वागत योग्य और उत्साहजनक संकेत है ।

आयात में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट ने व्यापार घाटे को कम करने में भी मदद की है, जो अब पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में काफी कम है।श्री रल्हन ने कहा कि यह प्रदर्शन विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों की लचीलापन और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाता है। निर्यात बाजारों का विविधीकरण, उच्च-विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना और प्रमुख नीतिगत उपायों के माध्यम से सरकार के निरंतर समर्थन ने इस सकारात्मक गति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अगस्त में सेवाओं का अनुमानित निर्यात 34.06 अरब डॉलर और आयात 17.45 अरब डॉलर रहा। पिछले साल इसी माह ये आंकड़े क्रमश:30.36 अरब डालर और 16.49 अरब डॉलर के बराबर थे।

अगस्त माह में कुल निर्यात (वस्तु और सेवाओं को मिलाकर) 69.16 अरब डालर और आयात 79.04 अरब डॉलर था। पिछले साल अगस्त में कुल निर्यात 63.25 अरब डालर और कुल आयात 84.99 अरब डॉलर था।

इस तरह अगस्त में कुल व्यापार घाटा एक साल पहले के 21.73 अरब डॉलर से घट कर 9.88 अरब डॉलर रहा।

अप्रैल-अगस्त 2025-26 के दौरान कुल संचयी निर्यात (वस्तुएं और सेवाएं) 349.35 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जबकि अप्रैल-अगस्त 2024 में यह 329.03 अरब डॉलर था। इस तरह इसमें सालाना आधार पर 6.18 प्रतिशत की वृद्धि दिखती है।

अगस्त में गैर पेट्रोलियम निर्यात 6.73 प्रतिशत बढ़ कर 30.62 अरब डालर रहा जो एक साल पहले जो एक साल पहले क्रमश: 28.69 अरब डॉलर था। गैर पेट्रोलियम आयात इस बार अगस्त में घट कर 48.33 अरब डॉलर रहा जो एक साल पहले 56.40 अरब डॉलर था।

अप्रैल-अगस्त 2025 में संचयी गैर-पेट्रोलियम निर्यात 158.07 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के 147.25 अरब डॉलर की तुलना में 7.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

अगस्त में गैर पेट्रोलियम गैर रत्न-आभूषण आयात पिछले साल के 26.68 अरब डॉलर से बढ कर 28.30 अरब डॉलर और आयात 41.41 अरब डॉलर से हल्का घट कर 41.02 अरब डॉलर रहा।

अगस्त में वाणिज्यक वस्तुओं की निर्यात वृद्धि में इलेक्ट्रॉनिक सामान, इंजीनियरिंग सामान, रत्न एवं आभूषण, पेट्रोलियम उत्पाद और औषधियाँ एवं फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र का योगदान प्रमुख रहा।

फियो अध्यक्ष ने सरकार से एमएसएमई के लिए बेहतर समर्थन और निर्यात प्रोत्साहनों के समय पर वितरण का आग्रह किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खासकर, ऐसे समय में जब दुनिया भर की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएँ टैरिफ संकट का सामना कर रही हैं, हमारे निर्यातक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहें । फियो इस बात को लेकर निरंतर आशावादी है कि रणनीतिक प्रोत्साहन और वैश्विक बाजार स्थिरीकरण के साथ, भारत शेष वित्तीय अवधि में अपने व्यापार प्रदर्शन को और मजबूत करने की स्थिति में है।

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