इंदौर: कृष्णपुरा छत्री गेट पर अभ्यास मंडल ने शहर की जीवनधारा कही जाने वाली कान्ह और सरस्वती नदियों के पुनर्जीवन की मांग को लेकर दो घंटे का मौन धरना आयोजित किया. धरने में सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरणविद और अनेक नागरिक शामिल हुए. अनुशासित और शांतिपूर्ण इस आयोजन से संदेश दिया गया कि नदियाँ केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि इंदौर की पहचान और भविष्य की आधारशिला हैं.
जब तक इनका पुनर्जीवन नहीं होगा, तब तक शहर का पर्यावरणीय संतुलन अधूरा रहेगा. कार्यक्रम में गौतम कोठारी, अशोक जायसवाल, ओपी जोशी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे. अभ्यास मंडल ने इसे जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की अपील की और कहा कि यह सिर्फ नदियों की रक्षा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सांसों और जीवन की सुरक्षा का संकल्प है.
