
देवसर। अपरजिला एवं सत्र न्यायालय देवसर के न्यायालय का बड़ा फैसला, न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा द्वारा नौ साल पुराने एक गंभीर प्रकरण में अहम फैसला सुनाते हुए पति-पत्नी को हत्या के प्रयास का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों के ऊपर 10-10 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी में बताया गया कि 28 नवम्बर 2016 को थाना क्षेत्र जियावन देवसर के ग्राम झखरावल में हुए विवाद के दौरान आरोपी रमेश साहू पिता सूर्यमणि साहू और उसकी पत्नी सविता साहू ने एक राय होकर अपने मोहल्ले के ही उमाशंकर साहू पिता मोतीलाल साहू और उसकी पत्नी सुखमन्ती पर हमला किया। उस दौरान उमाशंकर पर धारदार बड़े चाकू से जानलेवा वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने पर सुखमन्ती को भी चोटें आईं। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिससे पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहीं अभियोजन ने प्रत्यक्षदर्शियों, पुलिसकर्मियों और चिकित्सकों के बयान पेश किए। मेडिकल रिपोर्ट में घावों को खतरनाक बताया गया। बचाव पक्ष ने आरोपों को झूठा करार दिया, परंतु गवाहों के सुसंगत बयानों और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपियों ने साझा मंशा से हत्या का प्रयास किया है, इसलिए यह अपराध प्रमाणित पाया गया। इधर चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की प्रकृति गंभीर है और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए नरमी बरतना उचित नहीं है। इसलिए दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 307/34 के अपराध प्रमाणित पाए गए हैं, इसलिए दोनों अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है, दोनों अपराधी रमेश साहू एवं पत्नी सविता साहू को जेल भेज दिया गया ।
