
दोहा 10 सितंबर (वार्ता) इजरायल ने मंगलवार को कतर में चरमपंथी संगठन हमास के ठिकानों पर बमबारी की।
ऐसा पहली बार हुआ है जब इज़राइल ने कतर में कोई अभियान शुरू किया है।
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक दोहा में बम धमाके होने के तुरंत बाद इज़राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने शिन बेट सुरक्षा एजेंसी के साथ एक संयुक्त अभियान में हमास के “वरिष्ठ नेतृत्व” पर “सटीक हमला” किया। बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह अभियान कहां चलाया गया और किसे निशाना बनाया गया। हमास नेता वर्षों से कतर की राजधानी को गाजा के बाहर अपने मुख्यालय के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं।
इज़राइली सूत्रों ने सीएनएन को बताया कि इस हमले की योजना कई महीनों से बनाई जा रही थी और अमेरिकी प्रशासन को हमले के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था।
कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को “कायराना” करार देते हुए कहा कि यह “अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का घोर उल्लंघन” है। गौरतलब है कि कतर मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक है और इस क्षेत्र में सबसे बड़ी अमेरिकी सैन्य सुविधा, अल उदीद एयर बेस का घर है।
क़तर के गृह मंत्रालय ने इज़राइली हमले के बाद कहा कि दोहा में स्थिति अब “सुरक्षित” है। मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि शहर में हमास के एक आवास को निशाना बनाया गया था, और कहा कि टीमें अब ज़मीनी स्तर पर घटना की जाँच कर रही हैं।
कुछ अन्य् रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ हमास अधिकारी खलील अल-हय्या दोहा में इज़राइल के हमले का मुख्य निशाना थे। पिछले साल नेताओं इस्माइल हनीया और याह्या सिनवार की हत्या के बाद, अल-हय्या ने फ़िलिस्तीनी समूह में एक बड़ी भूमिका निभाई है,वह युद्धविराम वार्ता की शीर्ष वार्ताकार के रूप में उभरा है और और दोहा में गाजा मामलों के निर्वासित प्रमुख के रूप में कार्य कर रहा है। गत सोमवार को, हमास के मुख्य वार्ताकार खलील अल-हय्या ने दोहा में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मुलाकात की थी।
