
मुंबई, 9 सितंबर (वार्ता) जीवन बीमा परिषद ने द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में भारत में जीवन बीमा कंपनियों के द्वारा बेची गयी नयी पालिसी के कारोबारी प्रीमियम (एनबीपी) में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 6.01 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
जीवन बीमा परिषद की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन कंपनियों का एनबीपी पिछले वर्ष के 154193.76 करोड़ रुपये से बढ़कर 163461.52 करोड़ रुपये हो गया। आंकड़ों के अनुसार, जीवन बीमा उद्योग में व्यक्तिगत एकल प्रीमियम में इस बार अगस्त में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 9.71 प्रतिशत तथा व्यक्तिगत गैर-एकल प्रीमियम में 4.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
परिषद का कहना है कि इस वृद्धि का श्रेय कंपनियों को दिया जा सकता है जो पहली बार जीवन बीमा खरीदने वालों को आवश्यक जीवन बीमा पॉलिसी खरीदने को प्रोत्साहित करने पर तेज़ी से ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिससे संयुक्त व्यक्तिगत प्रीमियम संग्रह में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 6.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में जीवन बीमा उद्योग बीमा तक पहुँच का विस्तार करके और देश की आबादी के उन क्षेत्रों और वर्गों तक पहुँचने का प्रयास करके महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, जो पहले अपनी बीमा ज़रूरतों के मामले में कम सेवा प्राप्त कर रहे थे।
जीवन बीमा कंपनियों ने मास के दौरान 437125 से अधिक व्यक्तिगत जीवन बीमा एजेंट जोड़े, जबकि कंपनी छोड़ने वालों के दबाव में मिलाकर कुल एजेंटों की संख्या में वृद्धि 2.75 प्रतिशत ही रही। परिषद के अनुसार एजेंटों को जोड़ने की निरंतर गति के साथ साथ जीवन बीमा कंपनियां डिजिटलीकरण की तेज़ गति भी बढ़ा रखी है। डिजलटीकरण से बीमा सेवाओं के विस्तार में आसानी हो रही है1 परिषद का अनुमान है कि डिजटीलकरण से आने वाले समय में नए व्यावसायिक प्रीमियमों में उल्लेखनीय बढ़ावा मिलनने की उम्मीद की जा सकती है।
