शाजापुर। शहर में नगरपालिका की लापरवाही के चलते प्रतिदिन कुत्तों द्वारा शहरवासियों पर हमले करने के मामले सामने आ रहे हैं। शहर में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूम रहे हैं और ये किसी पर भी हमला बोल देते हैं। शाजापुर जिला अस्पताल में सोमवार को 8 से ज्यादा कुत्तों के काटने के मामले सामने आए हैं। इन सभी का उपचार जिला अस्पताल में किया गया। कुत्तों ने आज बुजुर्ग, युवा, महिला और बच्चों को अपना शिकार बनाया। एक बुजुर्ग पर कुत्ते के हमले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना की जानकारी लगते ही नगरपालिका अध्यक्ष प्रेम जैन पार्षदों के साथ अस्पताल पहुंचे और मरीजों के हाल चाल जाने।
जिला अस्पताल में आज हरायपुरा के शाहिद मंसूरी कुत्तों द्वारा अपने बेटे पर हमला किए जाने पर उपचार के लिए लेकर आएं, उन्होंने बताया बेटा ट्यूशन के लिए गया था, रास्ते में दो तीन कुत्तों ने हमला बोल दिया। इसके अलावा कुत्तों ने तीन अन्य बच्चों को भी काट लिया। सभी बच्चों का उपचार जिला अस्पताल में किया गया। युवक विकास शुक्ला को बस स्टैंड पर कुत्ते ने हाथ में काट लिया। किला रोड निवासी शीला राजपूत पर भी कुत्ते ने हमला बोल दिया। इसके अलावा बुजुर्ग किशन लाल प्रजापति घर के बाहर खड़े हुए थे और अचानक उन पर कुत्ते ने हमला बोल दिया। बुजुर्ग पर हुए हमले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कुत्ता उन पर हमला कर रहा है और वह उससे बचने की जानकारी कर रहे हैं।
इनके हाथ में काटा है। बुजुर्ग कलाबाई के सिर और कंधे को कुत्ते ने जख्मी कर दिया। धान मंडी स्थित एक दो साल के बच्चे पर भी कुत्ते ने हमला बोल दिया। बच्चे के पिछले हिस्से को लहुलुहान कर दिया,जिसका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बच्चे को अस्पताल में भर्ती किया गया।
जिला अस्पताल में उपचार के लिए आएं मरीजों की संख्या
जिला अस्पताल में प्रतिदिन कुत्तों के काटने के मरीज बढ़ी संख्या में आ रहे हैं। अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार –
जनवरी में 160
फरवरी में 210
मार्च में 185
अप्रैल में 168
मई में 235
जून में 163
जुलाई में 196
अगस्त में 192
8 सितंबर तक 50 केस सामने आ चुके हैं। जिला अस्पताल के आंकड़े बता रहे है, शहर में कुत्तों ने कितना तांडव मचा रखा है।
17 लाख खर्च करने के बाद भी वहीं स्थिति
विगत दिनों एक एनजीओ के माध्यम से शहर के एक हजार कुत्तों की नसबंदी करवाई गई थी, प्रत्येक कुत्ते पर नगरपालिका ने 1700 रुपए खर्च किए। नगरपालिका द्वारा 17 लाख रुपए खर्च करने के बाद भी शहर में आज भी वहीं स्थिति है। शहर में नसबंदी किए हुए कुत्तों का तो कहीं अता-पता नहीं है। बिना नसबंदी किए हुए 200 से ज्यादा कुत्ते शहर की हर गली मोहल्ले में नजर आ रहे हैं। कुत्तों के खौफ से लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं। इसके अलावा शहर में 20 से ज्यादा सांड़ और 500 से ज्यादा आवारा मवेशी भी घूम रही है। सांडों और मवेशियों के हमले से पीड़ित लोगों की संख्या भी शहर में लगातार बढ़ रही है।
इस पूरे मामले में नगरपालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने बताया आज एक पागल कुत्ते ने शहर में कुछ लोगों पर हमला बोला है, जानकारी लगते ही अस्पताल में उन्हें देखने आया हूं। शहर में शीघ्र ही कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करवाई जाएगी। विगत दिनों हमारे द्वारा शहर के एक हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी करवाई गई। एक कुत्ते पर नगरपालिका ने 1700 रूपए की राशि खर्च की।
