नयी दिल्ली, 04 सितंबर (वार्ता) भारतीय चार्टर्ड अकाउटेंट संस्थान (आईसीएआई) ने गुरुवार को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा किये गये बदलावों से आम लोगों को राहत मिलेगी और कारोबार करना आसान होगा।
आईसीएआई ने एक बयान में दरों में बदलाव और प्रक्रियाओं को आसान बनाने के फैसले का स्वागत करते हुये कहा कि यह कदम जीएसटी को और सरल, नागरिक-हितैषी और समझने में आसान बनायेगा। इससे टैक्स भरने वालों को सुविधा मिलेगी और बाजार में खपत बढ़ेगी।
उल्लेखनीय है कि बुधवार को हुई बैठक में जीएसटी परिषद ने पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो कर स्लैबों को बनाये रखने और 12 प्रतिशत तथा 28 प्रतिशत के स्लैबों को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कुछ खास चीजों पर 40 प्रतिशत के टैक्स को मंजूरी दी गयी। इसके अलावा, जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा पर अब जीएसटी नहीं लगेगा। रोजमर्रा की जरूरत की कई ज्यादातर चीजों पर टैक्स घटाया गया है।
आईसीएआई ने कहा कि इससे आम लोगों के घरों का बजट संभलेगा और कई उद्योगों को फायदा मिलेगा। साथ ही, सरकार ने कई और अच्छे कदम उठाये हैं, जैसे तेजी से रिफंड मिलना, छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए आसान पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की सुविधा और जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल (जीएसटीएटी) का गठन। इससे कारोबारियों को पैसे की दिक्कत कम होगी, कारोबार करना आसान होगा और कर से जुड़े मुद्दे जल्दी निपटेंगे।
संस्थान ने इन सुधारों को सफल बनाने के लिए सरकार से जीएसटीएन की तकनीकी व्यवस्था समय पर तैयार करने, साफ-साफ अधिसूचना और सर्कुलर जारी करने और टैक्स अधिकारियों तथा करदाताओं को सही मार्गदर्शन देने की अपील की। उसने कहा कि यह भी ध्यान रखना होगा कि जिन चीजों पर कर काम किया गया है, उसका सीधा फायदा ग्राहकों तक पहुंचे।
बयान में कहा गया है कि कपड़ा उद्योग में भी कर की दरों और उल्टे शुल्क ढांचे को सही किया जा रहा है। इससे कपड़ा उद्योग को ताकत मिलेगी, कामकाज आसान होगा, मुनाफा बढ़ेगा, पारदर्शिता आयेगी और देश के कपड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजार में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
आईसीएआई ने बताया कि सरकार के इन सुधारों को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में सहयोग के लिए वह अपने सदस्यों को नयी व्यवस्था का प्रशिक्षण देगा, ज्ञान-साझा करेगा और व्यवसायों को सही सलाह देने में मदद करेगा।
