हाथी के नगर प्रवेश से जैतहरी में अफरातफरी, वन विभाग ने मशक्कत कर निकाला बाहर

अनूपपुर। अनूपपुर जिले में पिछले 14 दिनों से एक अकेला नर हाथी लगातार ग्रामीण अंचलों और जंगलों में विचरण कर रहा है। हाथी के द्वारा अब तक दो मकानों में तोड़फोड़ और विभिन्न गांवों के खेतों व बाड़ियों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। बुधवार की रात यह हाथी अचानक जैतहरी नगर में घुस आया, जिससे नागरिक भयभीत हो उठे।

मंगलवार को हाथी किरर बीट के जंगल में ठहरा और रात होते ही गोबरी के जंगल की ओर बढ़ गया। बुधवार की रात उसने नगर परिषद जैतहरी के वार्ड 15, चारबंजारीटोला और बस स्टैंड क्षेत्र में विचरण किया। अचानक नगर में हाथी के पहुंचने से अफरातफरी का माहौल बन गया। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने पटाखे फोड़कर व शोर मचाकर हाथी को नगर से बाहर निकाला। इसके बाद हाथी ने लहरपुर और पचौहा गांव के जंगल से होते हुए पचौहा वार्ड क्रमांक 10 निवासी राम सिंह के मकान में तोड़फोड़ की और आसपास के खेतों में लगी फसलों को खाया। गुरुवार सुबह यह हाथी जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है।

मंगलवार की रात हाथी ने ग्राम डालाडीह निवासी भागचंद बैगा के घर में तोड़फोड़ की थी। दुधमनिया गांव में हाथी के दौड़ाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी और भागते समय एक ग्रामीण व एक वनरक्षक घायल भी हो गए थे। हाथी ने दो मोटरसाइकिलों को भी धक्का देकर क्षतिग्रस्त कर दिया था। वन विभाग का अनुमान है कि गुरुवार की रात हाथी कुकुरगोड़ा, चोलना, चोई और पड़रिया क्षेत्र से आगे बढ़कर छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा में प्रवेश कर सकता है। यह हाथी पिछले माह आए चार हाथियों के दल का हिस्सा था, जो मरवाही क्षेत्र से अलग होकर अब अनूपपुर जिले में अकेले विचरण कर रहा है।

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