नयी दिल्ली 15 मार्च (वार्ता) मोदी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2014 से 2024 के दौरान देश में 10480 नये डाक घर खुले हैं जबकि इससे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छह डाक घर बंद किये गये थे।
संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज यहां डाक विभाग में कार्यरत 2.56 लाख से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) की सेवा शर्तों में सुधार और सेवा में ठहराव को दूर करने के लिए एक वित्तीय उन्नयन योजना की घोषणा की के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2024 के दौरान देश में 1.28 लाख डाककर्मियों की भर्ती की गयी है और 2.50 लाख को प्रशिक्षित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर डाक सेवाओं में शिथिलता आ गयी है लेकिन भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डाक विभाग को विस्तार हो रहा है और नयी नयी सेवाओं को इसके दायरे में लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर बिजली योजना के तहत डाक घरों में 53 लाख पंजीकरण हुये हैं।
इसके साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 3.17 करोड़ खाते खुले हैं जिनमें 1.50 लाख करोड़ रुपये जमा है।
इसके साथ ही देश के दूरस्थ क्षेत्रों से निर्यात को गति देने के लिए एक हजार डाक निर्यात केन्द्र शुरू किये गये हैं जहां से 12 हजार नये निर्यातकों के 3.85 लाख पासर्ल निर्यात किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि देश में अभी 434 डाक पासपोर्ट सेवा केन्द्र कार्यरत है जहां से 1.25 करोड़ पासपोर्ट जारी किये गये हैं।