मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
आखिर देवास में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का तिलिस्म टूट गया. वर्षों से यहां वर्मा व मनोज राजानी की जोड़ी ही देवास कांग्रेस को अपनी मर्जी अनुसार चलाती आ रही थी. वर्मा की गहरी दोस्ती की वजह से देवास शहर कांग्रेस की कमान मनोज राजानी के पास ही रहती रही. इसके कारण अन्य उपेक्षित नेता कांग्रेस कार्यक्रमों के प्रति उदासीन होते जा रहे थे, फलस्वरूप देवास विधान सभा व नगर निगम में पार्टी को लगातार हार का मुंह देखना पड़ रहा था. कांग्रेस संगठन सृजन अभियान के दौरान पर्यवेक्षकों को दावेदारों के साथ अलग-अलग विचार विमर्श में यह बात मुख्यतौर पर बताई गई थी.
दशकों से छात्र राजनीति से कांग्रेस का झंडा उठा एनएसयूआई जिलाध्यक्ष, सेवादल अध्यक्ष, एलडरमैन, प्रदेश महामंत्री रहे कांग्रेस नेता प्रयास गौतम ने तो पर्यवेक्षकों को देवास शहर में पार्टी की दुर्दशा के लिए सीधे-सीधे वर्मा-राजानी की जोड़ी को जिम्मेवार बताया था. यह भी बताया था कि चुनाव में देवास को लावारिस छोड़ राजानी देवास के कार्यकर्ताओं की फौज सज्जन वर्मा के प्रचार में सोनकच्छ में डेरा जमाते रहे. अंतत: कानुगोलू टीम के सर्वे और पर्यवेक्षकों के समक्ष स्पष्टवादिता के कारण योग्य दावेदार लगे प्रयास गौतम को कांग्रेस ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त कर दिया.
नहीं चली शेरा की
पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह ठाकुर शेरा अपने भतीजे हर्षित ठाकुर को लाख कोशिशों के बावजूद बुरहानपुर शहर अध्यक्ष बनवाने में असफल रहे. प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रतिनिधि व पूर्व यूवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष हर्षित ठाकुर शहर कार्यवाहक अध्यक्ष का कार्यभार सम्हाल रहे थे. उन्हें पूर्ण शहर अध्यक्ष की पदवी दिलाने के लिए शेरा काफी समय से मशक्कत कर रहे थे. भारत जोड़ो यात्रा प्रबंधन में हर्षित को आगे करने से लेकर हर वरिष्ठ कांग्रेस नेता, प्रदेश प्रभारी से मिलवाने में उन्होंने कोई कसर न छोड़ी. सृजन अभियान में भी लाबिंग करी, पर नतीजा शून्य निकला और पार्टी ने शहर अध्यक्ष पद पर रिंकू टांक पर भरोसा बरकरार रखते हुए फिर से कमान सौंप दी.
किराये की भीड़ ने कराई किरकिरी
अंचल में नवनियुक्त कांग्रेस जिलाध्यक्ष के स्वागत समारोह में उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब मोदी-योगी जिंदाबाद के नारे लगने लगे. वाकिया धार का है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के खास समर्थक स्वतंत्र जोशी को धार जिला कांग्रेस का नया जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद स्वागत समारोह रखा गया था. समर्थकों ने इसे भव्य बनाने के लिए कुछ किराये की भीड़ इकट्ठी कर ली थी.
समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. जमकर हो रही नारेबाजी के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता जमकर झूमते नजऱ आए. इसी बीच माहौल तब बदल गया जब कार्यकर्ताओं ने मोदी जी, योगी जी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए. फिर नवागत जिलाध्यक्ष ने उन्हें रोका तो फिर राहुल गाँधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे. अब कांग्रेस के कर्ताधर्ता यह जानने में लगे हैं कि यह भीड़ की नासमझी थी या पार्टी का माहौल खराब करने के लिए जान बूझकर किया गया
