
गुना। जिले के फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर दबंगों ने गत दोपहर प्राणघातक हमला कर दिया। कलोरा बीट के कर्मदा जंगल में हुई इस घटना में डिप्टी रेंजर समेत तीन लोग घायल हो गए। हमला इतना अचानक और तीव्र था कि वनकर्मी अपनी जान बचाकर जंगल से भागने को मजबूर हो गए। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्मचारी पथराव और मारपीट से बचते नजर आ रहे हैं। घटना के अनुसार, वर्षों से कर्मदा के जंगल में दबंगों द्वारा आदिवासियों की आड़ लेकर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है। हाल ही में एक बड़े अतिक्रमण को हटाने के लिए वन विभाग ने जेसीबी मशीन के साथ मौके पर कार्रवाई शुरू की थी। तभी अचानक बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए और विभागीय अमले पर पथराव और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान सरकारी वाहन में भी तोडफ़ोड़ की गई।
हमले में डिप्टी रेंजर लाखन सिंह शिवहरे, वन रक्षक लक्ष्मी नारायण सावरी और एक चौकीदार गंभीर रूप से घायल हुए। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डिप्टी रेंजर ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहे थे, तभी खडेला सरपंच सहित करीब दो दर्जन लोगों ने मिलकर हमला कर दिया। आरोप है कि इस हमले में कर्मदा, कलोरा, खडेला और सिंगापुर गांव के लोग शामिल थे और इनके पीछे इलाके के कई बाहुबली लोगों का समर्थन है।
वन अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों के कब्जे में कई हेक्टेयर वन भूमि है, जिस पर लंबे समय से अवैध रूप से खेती और निर्माण किया जा रहा है। खास बात यह है कि जब वन विभाग की टीम हमले की शिकायत दर्ज कराने फतेहगढ़ थाने पहुंची तो सीमा क्षेत्र का हवाला देकर पुलिस ने आवेदन तक लेने से इंकार कर दिया। इससे विभागीय कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। बमोरी पुलिस ने घटना के एक दिन बाद सात नामजद आरोपियों पर तोडफ़ोड़ और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। लगातार हो रहे ऐसे हमलों से साफ है कि अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और वन विभाग की कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। फतेहगढ़ वन परिक्षेत्र में इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई बार वनकर्मियों पर हमले हो चुके हैं। बार-बार हो रही इन घटनाओं से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि दबंगों के हौसले कितने बढ़े हुए हैं और प्रशासन की शिथिलता किस तरह उन्हें संरक्षण प्रदान कर रही है। वन विभाग के घायल कर्मचारियों का कहना है कि अगर समय रहते आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आगे चलकर हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल जिलेभर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
इनका कहना है
– वन क्षेत्र की कलोरा बिट के कर्मदा जंगल में दल के साथ कार्यवाही के लिए पहुंचे थे। खडेला सरपंच सहित दो दर्जन लोगो ने टीम पर हमला कर दिया। वन रक्षक लक्ष्मी नारायण सावरी एक चौकीदार भी घायल हुआ है। हमला कर्मदा, कलोरा, खडेला, सिंगापुर के लोगों द्वारा किया गया था, जिनके पीछे इलाके के कई बाहुबली लोग हैं। जब घटना की जानकारी लेकर फतेहगढ़ थाने पहुंचे तो सीमा क्षेत्र का हवाला देकर आवेदन तक नहीं लिया गया। उक्त बाहुबलियों पर कई हेक्टेयर बीघा वन भूमि जमीन मौजूद है।- लाखन सिंह शिवहरे डिप्टी रेंजर फतेहगढ़
