भोपाल: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंगलवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूचियों में हेरफेर और पारदर्शिता की कमी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में हुई मतदाता-वृद्धि और कांग्रेस उम्मीदवारों की हार के अंतर के बीच असंगति है, जिससे भाजपा को अनुचित लाभ मिला।प्रेस वार्ता में डेटाबेस ग्राफ़िक्स, सरकारी आदेशों के स्कैन और 27 विधानसभा क्षेत्रों की तालिका पेश की गई, जहाँ कांग्रेस उम्मीदवार बेहद मामूली अंतर से हारे, जबकि मतदाता-वृद्धि उस अंतर से कहीं अधिक थी।
उन्होंने बताया कि 7 महीनों में जहाँ मतदाताओं की वृद्धि 4.64 लाख थी, वहीं केवल 2 महीनों में यह संख्या 16.05 लाख तक पहुँच गई।सिंघार ने चुनाव आयोग के 9 जून 2023 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची से जुड़े जोड़-घटाव की जानकारी सार्वजनिक न करने के निर्देश लोकतांत्रिक पारदर्शिता के खिलाफ हैं। उन्होंने 2 दिसंबर 2022 के आदेश के बावजूद 8.51 लाख डुप्लीकेट प्रविष्टियाँ न हटाने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए फ़ाइनल रोल को फ़्रीज़ करने, मशीन-रीडेबल डेटा उपलब्ध कराने और मतदाता सूची में फ़ोटो प्रकाशित करने जैसी माँगें रखीं। सिंघार ने कहा कि यह मुद्दा केवल कांग्रेस का नहीं बल्कि लोकतंत्र की निष्पक्षता से जुड़ा है।
