शहर में धूमधाम से निकली कांवड़ यात्रा,उमड़ा सैलाब

विदिशा। सावन के आखिरी सोमवार को सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा ने विदिशा नगर को पूरी तरह शिवमय कर दिया। मां वैत्रवती बड़ वाले घाट से एक विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। इस दौरान कांवड़ यात्रा में महाकाल भोलेनाथ पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कांवड़ यात्रा का स्वागत किया गया। माधवगंज स्थित शिवालय में 68 पवित्र तीर्थों (भरतकूप सहित) से लाए गए जल से जलाभिषेक किया गया।

सावन माह के आखिरी सोमवार को सनातन श्री हिंदू उत्सव समिति द्वारा नगर में विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा बेतवा नदी स्थित बढ़ वाले घाट से प्रारंभ हुई इस कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए जो अपने कंधे पर कांवड़ रखे हुए बम भोले के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। कांवड़ यात्रा में सबसे आगे भगवान भोलेनाथ के विभिन्न स्वरूपों की झांकी चल रही थी, इसके पीछे महिलाएं और पुरुष अपने कंधों पर रखे हुए कांवड़ को लेकर चल रहे थे और डीजे की धुन पर युवा नाचते हुए बम भोले के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। कांवड़ यात्रा रामलीला चौराहे होते हुए बजरिया, लोहा बाजार, बड़ा बाजार, तिलक चौक से होते हुए माधवगंज स्थित शिवालय पहुंची। इस दौरान कांवड़ यात्रा का जगह-जगह लोगों द्वारा स्टॉल लगाकर पुष्प वर्षा की गई और कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा अलग-अलग स्थान पर कांवड़ यात्रा का स्वागत किया गया और कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों के लिए फलों का वितरण किया गया। यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए जो बम भोले के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।

कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों को देखकर नगर का माहौल धर्ममय में हो गया और बड़ी संख्या में लोग कांवड़ यात्रा को देखने पहुंचे। साथ ही उज्जैन से आए हुए ढोल और तासे की थाप सहित डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते गाते हुए बम भोले के जयकारे लगा रहे थे। इसके साथ ही भगवान भोलेनाथ के कैलाश पर्वत स्वरूप की झांकी लगाई गई थी। उसके पीछे भगवान भोलेनाथ के स्वरूप की झांकी चल रही थी। बीच में बाबा महाकाल की शाही सवारी में सवार भोलेनाथ नगर के भ्रमण पर निकले। माधवगंज जिला शिवालय कांवड़ यात्रा पहुंची और कावडिय़ों ने 68 तीर्थ से लाए हुए जल से भगवान भोलेनाथ का जल अभिषेक किया गया। इस दौरान समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध तरीके से भगवान भोलेनाथ का जल अभिषेक करने के लिए बारी-बारी से अंदर जाने दिया जिससे कि मंदिर में किसी प्रकार की भीड़वाड़ ना हो सके और सभी श्रद्धालु आसानी से भगवान भोलेनाथ का जल अभिषेक कर सकें। भगवान भोलेनाथ की आरती के बाद प्रसादी वितरण की गई।

पालकी में सवार होकर निकले बाबा महाकाल

उज्जैन की तर्ज पर इस बार कांवड़ यात्रा में महाकाल की शाही सवारी निकाली गई। इस दौरान बाबा महाकाल को पालकी में बैठाया गया और बाबा की पालकी श्रद्धालु अपने कंधों पर रखे हुए और बम भोले के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी का लोगों ने जगह-जगह पूजा अर्चना कर धर्म लाभ लिया। भगवान भोलेनाथ की शाही सवारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर धर्म लाभ उठाया। इस दौरान भगवान भोलेनाथ की शाही ी सवारी ने नगर का भ्रमण किया।

सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

नगर में विशाल कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा पहले ही रूट तय कर दिए गए थे। जैसे ही कांवड़ यात्रा शुरू हुई पुलिस द्वारा यातायात को परिवर्तित कर दिया गया जिस मार्ग से कांवड़ यात्रा निकाली गई चौराहे पर पुलिसकर्मियों द्वारा पहले ही रास्ते खाली करवा दिए गए और लोगों के लिए दूसरे रास्ता से आवागमन करना पड़ा। कांवड़ यात्रा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और कांवड़ यात्रा के साथ-साथ सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अन्य पुलिसकर्मी चल रहे थे। इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के साथ एक एंबुलेंस वाहन रखा गया जिससे अगर किसी प्रकार की कोई दिक्कत होती है तो तुरंत उपचार के लिए भेजा जा सके। वही समिति के सदस्यों द्वारा कांवड़ यात्रा को व्यवस्थित तरीके से निकल गया ताकि किसी प्रकार की कोई कांवडिय़ों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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