ब्राजीलिया 4 अगस्त (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्राजील पर आयात शुल्क बढ़ाने और कुछ प्रतिबंध लगाने के विरोध में शुक्रवार से ब्राजील में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
ब्राजील में स्थित अमेरिकी दूतावास और रियो डी जैनरो सहित विभिन्न शहरों में स्थित वाणिज्य दूतावासों के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और ‘संप्रभुता से समझौता नहीं’ का नारा लगाने लगे। लोगों ने आयात शुल्क को हथियार की तरह इस्तेमाल करने और ब्राजील की राष्ट्रीय संप्रभुता एंव न्यायायिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करने के लिए अमेरिका की कड़ी आलोचना की।
अमेरिकी सरकार ने घोषणा की थी कि वह ब्राजील से आयात होने वाली वस्तुओं पर 50 प्रतिशत तक का शुल्क लगाएगा। साथ ही अमेरिका ने ब्राजील के संघीय शीर्ष अदालत के न्यायाधीश एलेक्जेंडर डी मोरेस पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। श्री मोरेस जायर बोल्सोनारो के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे हैं। बोल्सोनारो पर 2022 में चुनाव हार जाने के बाद ताकत से सत्ता पाने की कोशिश का आरोप है।
हाल में ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए आयात शुल्कों में सबसे अधिक आयात शुल्क ब्राजील पर लगाया गया है। ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ब्राजील की न्यायपालिका अधिकार का दुरुपयोग कर रही है। साथ ही ट्रंप ने मांग की है कि बोल्सनारो के मामले की सुनवाई को तुरंत बंद किया जाए।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिलवा ने वाशिंगटन के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि अमेरिका ब्राजील के आंतरिक मामलों में हस्तरक्षेप न करे।
श्री सिल्वा ने विदेशी संबध को देश हित से ऊपर रखने के लिए विपक्ष, विशेषकर बोल्सोनारो परिवार के सदस्यों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ब्राजील बराबरी के स्तर पर समझौता करेगा और बोल्सोनारो मामले में किसी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।
