
जबलपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) नई दिल्ली के चेयरमैन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य जस्टिस सुधीर अग्रवाल व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल की संयुक्त पीठ ने जबलपुर के कठौंदा स्थित वेस्ट टू-एनर्जी, डब्ल्यूटीई संयंत्र से फैल रही धूल को लेकर जवाब-तलब किया है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं।
दरअसल, एनजीटी द्वारा कठौंदा में अपशिष्ट से ऊर्जा पैदा करने के संयंत्र से फैल रहे प्रदूषण को लेकर स्वत: संज्ञान आधारित सुनवाई की जा रही है। एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण रिपोर्ट में कई कमियों का उल्लेख किया, जैसे कि सहायक ईंधन के उपयोग, राख निपटान, पौधारोपण विवरण और पूर्ण उत्सर्जन निगरानी के आंकड़ों का अभाव। इसी के साथ जबलपुर नगर निगम को अपशिष्ट पृथक्करण, विरासत अपशिष्ट और जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट के ऊष्मीय मान पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लेकर जबलपुर के कठौंदा इलाके में कचरे से ऊर्जा बनाने वाले प्लांट से हो रहे प्रदूषण की जांच प्रारंभ की। जिसमें पाया गया कि इस प्लांट से धूल के कण दूर-दूर तक फैल रहे हैं। जिस पर केंद्रीय व मप्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पर्यावरण मंत्रालय व कलेक्टर जबलपुर से जवाब मांगा गया।
