माॅस्को/बुखारेस्ट, 20 जुलाई (वार्ता) बुखारेस्ट में रूस के राजदूत व्लादिमीर लिपायेव ने कहा है कि रोमानिया में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सैनिकों की बढ़ती उपस्थिति के बीच पश्चिमी शक्तियां रूस-यूक्रेन युद्ध में हस्तक्षेप करने के लिए रोमानिया का इस्तेमाल एक आधार के रूप में कर रही हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ रहा है।
रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती से बात करते हुए श्री लिपायेव ने कहा, “यह स्पष्ट है कि तथाकथित सामूहिक रूप से पश्चिम के देश अपनी सशस्त्र सेनाओं का सीधे उपयोग किए बिना यूक्रेन में संघर्ष में लगातार हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहे हैं, और तनाव को बढ़ाकर इसके रुख को बदलने की उम्मीद कर रहे हैं।”
राजनयिक ने बताया कि देश के क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली के तत्व तैनात किए गए हैं, सैन्य ठिकानों का विस्तार किया जा रहा है, और नाटो की टुकड़ी बढ़ रही है। उन्होंने आगे कहा कि मिहाई कोगलनिसेनु एयरबेस सेवस्तोपोल से 400 किमी से भी कम दूरी पर स्थित है।
उन्होंने कहा, “वर्ष 2016 से अमेरिकी एजिस एशोर मिसाइल रक्षा प्रणाली को देवेसेलु गाँव के क्षेत्र में तैनात किया गया है। हर साल दर्जनों नाटो सैन्य अभ्यास आयोजित किए जाते हैं।वास्तव में, रोमानिया को अपने दक्षिण-पूर्वी किनारे पर एक नाटो चौकी की भूमिका निभाता है, जिसका उपयोग किसी वैश्विक संघर्ष की स्थिति में रूस के खिलाफ एक पूर्व-निवारक, निरस्त्रीकरण हमले के लिए किया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि रोमानियाई नेतृत्व नाटो सुरक्षा के तत्वावधान में सुरक्षा के झूठे वादों से अपनी जनता को आश्वस्त कर रहा है और उन्हें वास्तविक घटनाक्रम की जानकारी नहीं दे रहा है। देश की आम जनता युद्ध में रोमानिया की आगे की भागीदारी का तेजी से विरोध कर रही है।
