
आलीराजपुर। समीपस्थ नानपुर गाँव में एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टर के ईलाज के दौरान एक युवक की जान चली गई। इसके बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
विस्तृत जानकारी अनुसार झोलाछाप डॉक्टर बिट्टू बिस्वास द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद 35 वर्षीय युवक जेराम पिता गिलदार बघेल, निवासी पटेल फलिया की मौत हो गई, परिजनों के अनुसार, जेराम को सीने में दर्द की शिकायत पर पहले नानपुर अस्पताल लाया गया, लेकिन वहा कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। मजबूरी में इस बीमार युवक को झोलाछाप डॉक्टर बिट्टू के क्लीनिक ले जाया गया, जहां उसे इंजेक्शन दिया गया, इंजेक्शन के 15 मिनिट बाद उसकी हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई जिसके चलते उसकी मौत हो गई। निराश और गुस्साए परिजन व ग्रामीण मृतक युवक के शव के साथ आरोपी डॉक्टर को भी थाने लेकर पहुंचे, मौके पर एसडीओपी सहित पुलिस बल भी पहुंचा, जिसके बाद समझा बुझाकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
इसके बाद पुनः युवक के शव को पुनः पुलिस थाने पर लाकर जयस जिला अध्यक्ष अरविंद कनेश सहित पचासों लोगों ने बिट्टू विश्वास के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की, साथ ही जिला प्रशासन से एक हफ्ते में जिले भर में संचालित हो रहे सभी अवैध क्लिनिक को बंद करने की बात रखी अन्यथा स्थिति में जिला बंद कर आंदोलन करने की घोषणा की हैं।
बताया जा रहा है कि कथित डॉक्टर बिट्टू बिस्वास कुछ दिन पहले तब सुर्खियों में आया था, जब उसके इलाज के चलते एक युवक का हाथ सड़ गया था। उस मामले में भी नानपुर में ही एफआईआर दर्ज हुई थी।
हैरत की बात है कि कुछ ही दिनों बाद इस नीम हकीम डॉक्टर का क्लिनिक फिर से खुल गया।
इस घटनाक्रम से ज़िला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले में इस तरह के कई झोलाछाप बंगाली डॉक्टर के रूप में अब भी सक्रिय हैं, जो प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था के कारण खुलेआम इलाज के नाम पर आम जनता की जान से खेल रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
