धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ से आ रहा नशे का ज़हर
इंदौर: शहर में नशे का नेटवर्क दिनों दिन विस्तार ले रहा है और अब चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि गांजे की तस्करी में किसान भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. पुलिस की कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि धार, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, देवास और उज्जैन के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ किसान अपने खेतों में गांजा उगा रहे हैं और उसे इंदौर में सप्लाई कर रहे हैं.
बीते कुछ महीनों में इंदौर पुलिस ने ऐसे दर्जनों मामले पकड़े हैं, जिनमें आरोपी सीधे खेतों से गांजा लेकर शहर पहुंचे थे. पिछले सराफा पुलिस ने धामनोद निवासी राजेंद्र ओसारी और महेश्वर निवासी पंकज को गिरफ्तार किया. दोनों स्कूटी पर 11 किलो गांजा लेकर शहर में सप्लाई के इरादे से आए थे. जांच में सामने आया कि दोनों किसान हैं और खेतों में ही गांजे की फसल उगा रहे थे. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गांजा की खेती से कम समय में बड़ा मुनाफा होने के चलते कुछ किसान लालच में आकर तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़ रहे हैं.
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई और नाम सामने आ रहे हैं, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सकती है. शहर में केवल स्थानीय गांजा ही नहीं, बल्कि ओडिशा से आने वाले ‘काले गांजे’ की भी भारी मांग है. कुछ दिन पहले ग्रामीण पुलिस ने एक एंबुलेंस से लाखों रुपए का गांजा बरामद कर तमिलनाडु के दो तस्करों को पकड़ा था. यह गांजा नक्सली इलाकों में उगाया जाता है और कंटेनरों के जरिए देशभर में सप्लाई किया जाता है.
एंबुलेंस की आड़ में की जा रही तस्करी के दौरान एक प्रमुख तस्कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था. इससे पहले नारकोटिक्स विंग और डीआरआई भी बड़ी मात्रा में गांजे से भरे ट्रक और कंटेनर जब्त कर चुकी है. इंदौर अब गांजा तस्करों के लिए एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में सामने आ रहा है, जिससे जुड़े नेटवर्क को तोडऩा पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है.
लगातार कार्रवाई कर रही पुलिस
मामले में नारकोटिक्स डीएसपी संतोष सिंह हाड़ा का कहना है कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, यहीं कारण हैं कि हर दूसरे दिन कोई न कोई नशे का सौदागर गिरफ्तार हो रहा है. नशे के खिलाफ सिर्फ नारकोटिक्स ही नहीं शहर की पुलिस और क्राइम ब्रांच भी लगातार आरोपियों की धरपकड़ कर रही है.
