
गुना। सरकार आदिवासी हितों के लिए,अनेकों योजनाएं चला रही हैं। जिससे वह समाज की मुख्यधारा के साथ खड़े हो सके,पर फतेहगढ़ आदिवासी आश्रम के हाल अति दयनीय स्थिति में है। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा कागजों में संचालित फतेहगढ़ आदिवासी आश्रम पर नवभारत संवादाता बच्चों के हाल जानने पहुंचे। विद्यालय में एक भी शिक्षक उपस्थित नहीं मिले 8 से 10 छात्र आश्रम से सटे घने जंगल में खेल रहे थे। जहां बारिश के मौसम में कोई भी हादसा इन नन्हे मासूमों के साथ हो सकता है।जानकारी के मुताबिक फतेहगढ़ का आवासीय आश्रम प्रथमिक विद्यालय तक संचालित है। अधीक्षक के सहित 3 अन्य शिक्षक आश्रम में पदस्थ हैं। छात्रों के पालक अपने मासूमों की बेहतर शिक्षा अच्छे स्वास्थ के लिए अपने से दूर कर आश्रम में दाखिला कराते हैं।लेकिन विद्यालय के हाल देखने पर अति दयनीय दिखाई पड़े। मौजूदा हालत को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। जिम्मेदार भी यहां आने की कभी जहमत नहीं उठाते ओर सरकारी फाइल में यह आश्रम बेहतर ढंग से संचालित हो रहा है।
जिम्मेदारों की कहानी आश्रम में शिक्षक राजेश श्रीवास्तव,हेमराज अहिरवार, मुन्नालाल उच्चाटिया शैक्षणिक कार्य के लिए पदस्थ है तीनों सीएल पर गए हैं शिक्षक गुना से अपडाउन करते है इसलिए अतिवर्षा के कारण शुक्रवार को भी नहीं आ सके
अधीक्षक पुष्पेंद्र लोधी
विभाग द्वारा मेरा स्थानांतरण विगत सफ्ताह फतेहगढ़ से मधुसूदन गढ़ कर दिया है आज ही फतेहगढ़ से रिलीव होकर मधुसूदनगढ़ चार्ज के लिए आया हु वहां कौन हे कि नहीं मेरी जानकारी में नहीं है
पूर्व अधीक्षक आसाराम सेन
