
ब्यावरा. खरीफ सीजन की बोवनी का कार्य अपने अंतिम चरण में है, परन्तु जिले की दर्जनों सोसायटियों में डीएपी खाद के नहीं पहुंचने से किसानों को मजबूरन खुले बाजार से अधिक दाम देकर खाद लेना पड़ा. अभी आगे और खाद की आवश्यकता होना है किंतु खाद का टोटा बना हुआ है. सुठालिया मार्केटिंग सोसायटी के तहत सभी 12 समितियों में डीएपी खाद नहीं है.
गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा इस बार खरीफ सीजन में खाद के अग्रिम भंडारण पर काफी जोर दिया गया था. बावजूद इसके डीएपी खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. अनेक सोसायटियों में खाद नहीं होने पर किसानों को अधिक दाम पर बाजार से खाद लेना पड़ा.
गोदाम, समितियों में नहीं खाद
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अंतर्गत सुठालिया मार्केटिंग के तहत 12 समितियों में ही डीएपी खाद नहीं है. इसी प्रकार बिसौनिया समिति में भी कई दिनों से डीएपी खाद नहीं होना बताया गया है.
अधिक दाम देकर ले रहे खाद
सुठालिया मार्केटिंग के तहत कई सोसायटियों में डीएपी खाद नहीं है. इस बार डीएपी खाद का शासकीय रेट 1350 रुपये रहा है किंतु बाजार में यही खाद 1600 रुपये तक मिल पा रहा है इससे अतिरिक्त राशि खर्च हो रही है.
सहकारिता की और से करीब 3 हजार मेट्रिक टन डीएपी खाद की डिमांड भेजी गई है किंतु वर्तमान में जिले की 140 में से करीब 65 सोसायटियों में डीएपी खाद नहीं है. खाद की सख्त आवश्यकता है.
रामबाबू जाटव
जिला प्रभारी
विपणन, राजगढ़
विगत कुछ दिनों से डीएपी खाद की रेक नहीं आयी है. जिले में एक से दो रेक की डिमांड है. जैसे ही रेक आएगी खाद का वितरण होकर सोसायटियों में खाद पहुंचेगा.
बब्बन मोर्या जिला प्रबंधक, मार्फेड राजगढ़
