रायचूर, (वार्ता) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे और उनसे राज्य विधानमंडल द्वारा पारित पांच विधेयकों को मंजूरी देने की गुजारिश करेंगे, जिसमें सिविल अनुबंधों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने का विवादास्पद प्रस्ताव भी शामिल है।
श्री सिद्दारमैया ने सोमवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “राष्ट्रपति ने मुझे कल मिलने के लिए समय दिया है। मैं लंबित विधेयकों पर चर्चा करूंगा।”
गौरतलब है कि लंबित प्रस्तावों में सरकारी अनुबंधों में मुस्लिम आरक्षण को लेकर विभिन्न पार्टियों विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने कहा है कि आरक्षण संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भाजपा के विरोध और इसे अस्वीकृति करने के आग्रह के बावजूद विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेज दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए कहा था कि भारतीय संविधान धर्म-आधारित आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। श्री सिद्दारमैया ने लंबित विधेयकों के बारे में चिंताओं को दूर करने के लिए आज बेंगलुरु में राज्यपाल गहलोत से मुलाकात की।
