
जबलपुर। धान का सीजन शुरू होते ही किसानों को अब खाद की आवश्यकता होने लगी है जिसके लिए किसान केंद्रों पर जाकर डीएपी, यूरिया आदि खरीद रहे हैं। परंतु जिले में डीएपी के लिए किसानों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार की रात को डीएपी की 2 रैक कछपुरा गोदाम में उतरी थी। कृषि अधिकारियों कहना है कि जल्द ही सभी केंद्रों पर डबल लॉक में खाद का वितरण कर दिया जाएगा। परंतु कई वितरण केंदों पर सुबह से शहपुरा और अन्य क्षेत्रों में खड़े हुए किसानों को डीएपी नहीं मिल पा रही है। खाद खरीदने पहुंचे ग्राम गडर पिपरिया के किसान प्रवीण पटेल और ग्राम भुवारा के किसान अरविंद पटेल ने नवभारत से चर्चा कर बताया कि वह सुबह से लाइन में लगे थे, उन्होंने टोकन तो दिया, परंतु बार-बार वह खिड़की बंद कर देते थे, जिसके चलते किसानों को डीएपी नहीं मिल पाई है।
लगभग 2000 टन डीएपी आई
कृषि उप संचालक एस के निगम से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की रात कछपुरा मालगोदाम में 2 रैक डीएपी उतरी थी। जिसमें से पहली रैक में 1100 और दूसरी रैक में 900 टन माल उतरा है, जिससे जिले में लगभग 2000 टन डीएपी की उपलब्धता है, जिसको डबल लॉक वितरण केंद्र पर भेजा जा रहा है।
प्राइवेट में आसानी से हो रही उपलब्ध
गौरतलब है कि जिले में आने वाली डीएपी की रैक में से 70 प्रतिशत सहकारी समिति और 30 प्रतिशत प्राइवेट फर्म को दी जाती है। उसके बावजूद भी प्राइवेट फर्म में किसानों को डीएपी आसानी से उपलब्ध हो जाती है, लेकिन उसके लिए किसानों से मनमाने दाम वसूले जाते हैं। वहीं 70 प्रतिशत डीएपी सहकारी समिति को मिलने के बावजूद भी किसानों को वहां से डीएपी नहीं मिल पाती है।
