इंदौर: भोपाल जेल से सिमी आतंकियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना में नाम आने के बाद जांच के दायरे में रहे जेल अधीक्षक आलोक वाजपेयी को सरकार ने आखिरकार क्लीनचिट दे दी है. लंबी जांच प्रक्रिया के बाद उन्हें न केवल दोषमुक्त घोषित कर दिया, बल्कि प्रमोशन भी प्रदान किया है.गौरतलब है कि वर्ष 2016 में भोपाल जेल से सिमी संगठन से जुड़े सात आतंकवादी फरार हो गए थे. बाद में पुलिस मुठभेड़ में सभी की मौत हुई थी.
उस समय जेल के अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार आलोक वाजपेयी के पास था. मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के बाद कई अधिकारियों की जांच शुरू हुई थी, जिसमें वाजपेयी भी शामिल थे. जांच के दौरान आलोक वाजपेयी को इंदौर जिला जेल में पदस्थ किया था, जहां वे पिछले पांच वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे थे. तमाम आंतरिक व विभागीय जांच के बाद अब सरकार ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है. इसके साथ ही उनका पदोन्नति आदेश भी जारी हो गए है. इस निर्णय के बाद जेल विभाग में चर्चा है कि वाजपेयी की लगातार पदस्थापना और कार्यशैली पर उठ रहे सवालों को अब विराम मिल सकता है
