
रामपुरा। रामपुरा नगर के पूर्वी भाग में स्थित अनाज मंडी, जो कई राज्यों में खरबूजा बीज की मंडी के रूप में प्रसिद्ध है, इन दिनों किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। गर्मियों में गांधी सागर जलाशय के बैकवाटर क्षेत्र में किसान बड़ी मात्रा में खरबूजा बीज की खेती करते हैं, जिससे मंडी में इसकी आवक अधिक होती है। राजस्थान समेत कई राज्यों से किसान यहां अपनी उपज बेचने आते हैं।
लेकिन मंडी में बनाए गए सरकारी शेड का उपयोग किसान की बजाय व्यापारी कर रहे हैं। किसान महेश शर्मा, जो प्रतापगढ़ से आए थे, शेड न मिलने के कारण 42 डिग्री तापमान में दिन भर खुले में बैठे रहे और तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल जाना पड़ा। मंडी कर्मचारी और प्रशासन व्यापारियों का पक्ष लेते नजर आते हैं। शेड में व्यापारियों की खरीदी उपज रखी जाती है जबकि किसान की उपज धूप और बारिश के हवाले रहती है। इसके अलावा बोली की रसीद में “खरबूजा बीज” की जगह सिर्फ “बीज” लिखना सरकारी राजस्व में भी हानि पहुंचा रहा है। मंडी प्रशासन की यह अनदेखी किसानों में असंतोष पैदा कर रही है।
