इंदौर: एमजीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एमवाय अस्पताल में अब नेत्र रोगियों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी. अंधत्व की रोकथाम के लिए मेडिकल कमिश्नर तरुण राठी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया कि इंदौर और उज्जैन जिलों में यह प्रक्रिया पहले चरण में प्रारंभ की जाएगी. इसके बाद अन्य जिलों में भी इसे शुरू किया जाएगा.
कॉर्निया प्रत्यारोपण यानी केराटोप्लास्टी एक विशेष शल्य चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें आंख की क्षतिग्रस्त पारदर्शी परत कॉर्निया को स्वस्थ दाता से प्राप्त कॉर्निया से बदला जाता है. यह प्रक्रिया उन मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जिनकी दृष्टि धुंधली या बाधित हो चुकी है. एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अशोक घंघोरिया ने जानकारी दी कि यह योजना स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन के तहत प्रस्तावित है.
इसकी जिम्मेदारी कॉलेज को सौंपी गई है. एमवाय अस्पताल के नेत्र विभाग की डॉ. प्रीति रावत और उनकी टीम इस अभियान की कमान संभालेंगी. डॉ. घंघोरिया ने बताया कि राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत इस योजना का शुभारंभ किया जा रहा है. इंदौर और उज्जैन में शुरुआती अनुभव के आधार पर आगे अन्य जिलों में भी कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाएं शुरू की जाएंगी. यह पहल न सिर्फ आंखों की रोशनी लौटाने में मददगार होगी, बल्कि इंदौर को चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में एक नई पहचान भी दिलाएगी
