नई दिल्ली 08 मई (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि भारत और ईरान की कला और संस्कृति के हर पहलू में एक-दूसरे की विरासत की झलक दिखाई देती है।
श्रीमती मुर्मु ने गुरुवार को यहां राष्ट्रपति भवन में ईरान के विदेश मंत्री डॉ. अब्बास अराघची से मुलाकात की। डॉ. अराघची का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के विशेष अवसर पर हो रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और ईरान के बीच संबंध हजारों साल पुराने हैं। कला और संस्कृति के हर पहलू में, चाहे वह भाषा और साहित्य हो या संगीत और भोजन, हम एक-दूसरे की विरासत की झलक देख सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे द्विपक्षीय संबंध नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की मजबूत नींव पर बने हैं। इन 75 वर्षों में, भारत और ईरान के बीच संबंध विविध क्षेत्रों में बढ़े हैं – चाहे वह सांस्कृतिक सहयोग हो, व्यापार और ऊर्जा साझेदारी हो, या क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर रणनीतिक समन्वय हो। दोनों देशों ने न केवल लंबे समय से मित्रता बनाए रखी है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और समृद्धि के लिए मिलकर काम भी किया है। उन्होंने चाबहार बंदरगाह की पूरी क्षमता का दोहन करने में दोनों पक्षों के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने पहलगाम आतंकवादी हमलों के बाद एकजुटता और करुणा के संदेश के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।
श्रीमती मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी।
