स्मृति शेष
मिलिंद मुजुमदार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक प्रकाश सोलापुरकर का रविवार सुबह निधन हो गया. बाल अवस्था में ही स्वयंसेवक बनने वाले स्वर्गीय सोलापुरकर ने होलकर महाविद्यालय से एमएससी करने के बाद अपना पूरा जीवन संघ के लिए समर्पित कर दिया. वो करीब 50 वर्षों तक संघ के प्रचारक रहे. उन्होंने होशंगाबाद, बैतूल और हरदा में जिला प्रचारक का दायित्व निभाने के बाद खंडवा सहित संघ के अनेक विभागों में विभाग प्रचारक की हैसियत से काम किया. 90 के दशक में स्व. प्रकाश सोलापुरकर अविभाजित मध्य भारत प्रांत के सह प्रांत प्रचारक बने, उस समय सुरेश सोनी प्रांत प्रचारक थे.
बाद में उन्होंने मध्य क्षेत्र के क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख का दायित्व संभाला. अत्यंत सहज, सरल, और सदैव स्मित मुस्कान रखने वाले स्वर्गीय प्रकाश खेल-खेल में संघ का तत्व ज्ञान और मातृभूमि के प्रति वंदना का पाठ पढ़ने की क्षमता रखते थे. उन्होंने अनेक ऐसे स्वयंसेवक तैयार किए जो आज विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों में रोशन सितारे हैं. प्रकाश जी ने अति उच्च शिक्षित होने के बावजूद नौकरी या व्यवसाय करके स्वयं का कैरियर बनाने की बजाय मातृभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने ऐसे समय संघ कार्य किया, जब संघ की लोग हंसी उड़ाते थे। खासतौर पर आदिवासी और पिछड़े क्षेत्र में प्रकाश जी ने गांव-गांव जाकर संघ का नेटवर्क तैयार किया और राष्ट्रवाद की ऐसी आधार भूमि बनाई जिस पर आज संघ परिवार की फसल लहलहा रही है. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि..
