जबलपुर: शहर में अपार खेल प्रतिभाएं है, लेकिन एक आधुनिक स्टेडियम न होने के कारण खिलाडिय़ों को सही प्रशिक्षण सुविधाएँ नहीं मिल पातीं या उन्हें दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। अब इसे बदलने का समय आ गया है। जबलपुर महाकौशल का केंद्र तो है ही साथ ही विंध्य और बुंदेलखंड से भी सीधे जुड़ा हुआ है, भौगोलिक रूप से जबलपुर अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
यह बातें लोकसभा सांसद आशीष दुबे ने गुरुवार को लोकसभा में जबलपुर में अंतराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनाने का प्रश्न उठाते हुए कहीं। साथ ही जबलपुर संसदीय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति,समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और युवा प्रतिभाओं की महत्ता को भी तथ्यों के साथ उठाते हुए अपनी मांग रखी। सांसद श्री दुबे ने कहा कि जबलपुर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए पहचाना जाता है,लेकिन विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के अभाव में स्थानीय खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सांसद ने अपनी मांग को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने आंकड़ों का हवाला दिया, उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और निजी क्षेत्र भी इस परियोजना का समर्थन करने के लिए तैयार हैं, जिससे यह पहल पूरी तरह से व्यवहारिक और रणनीतिक रूप से फायदेमंद होगी। दुबे ने जोर देकर कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने में मदद करेगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को आकर्षित कर जबलपुर की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।
