वाहन वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कारगर कदम उठाएगी सरकार, भ्रष्टाचारियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाईः रेखा

नयी दिल्ली 02 अप्रैल (वार्ता) दिल्ली सरकार वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए समाज की मदद से 70 लाख पौधे लगाएगी, पर्यावरण रक्षक टीम का गठन करेगी, सरकारी- निजी कंपनी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल से ट्रैफिक जंक्शन प्वाइंट पर 500 सीसीटीवी कैमरे लगवाएगी, बाहर से आने वाले वाहनों की निगरानी के लिए नयी नीति बनाएगी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाएगी।

यह जानकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में दी। उन्होंने वाहन वायु प्रदूषण रोकथाम को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर चर्चा का जवाब देते हुए बुधवार को सदन में कहा, “हमारी सरकार वाहन वायु प्रदूषण को रोकने के लिए कारगर कदम उठाएंगी और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त करवाई करेगी।” उन्होंने कहा कि पिछले दो दिन से इस रिपोर्ट पर सदन चर्चा हो रही है और 12 सदस्यों ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है, लेकिन विपक्ष ने चर्चा में भाग नहीं लिया है। उन्हें दिल्ली को प्रदूषित करने में शर्म नहीं आई, लेकिन कारगुजारियों को सुनने में शर्म आती है, इसलिए सदन से निकल जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए पहले की सरकार पौधे लगाती थी, लेकिन सिर्फ कागजों में, शालीमार विधानसभा में भी ऐसा ही किया।

उन्होंने कहा, “अब ऐसा नहीं होगा। हमारी सरकार समाज की मदद से 70 लाख पौधे लगाएगी। इसमें विद्यार्थियों को भी शामिल किया जाएगा। पर्यावरण रक्षक नाम से एक नई टीम बनाई जाएगी, जो पर्यावरण की रक्षा करेगी।इसमें पूरी दिल्ली वालों की भागीदारी होगी।

उन्होंने कहा, “पीपीपी मॉडल से बिना एक पैसा खर्च किये 500 नए कैमरे ट्रैफिक जंक्शन प्वाइंट पर लगाए जाएंगे। इससे न केवल प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान होगी, बल्कि वायु प्रदूषण से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लाखों बाहरी वाहन दिल्ली में आते हैं, लेकिन उनके प्रदूषण के स्तर की कोई निगरानी नहीं होती थी। अब हमारी सरकार नई नीति लेकर आएगी, जिससे बाहरी वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके।”

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाएगी, जिसके द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन लेने और उसका उपयोग करने के लिए जनता को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जायेगा।

श्रीमती गुप्ता ने कहा कि इस साल के अंत तक 5,500 बसों की मरम्मत की जाएगीऔर 2026 तक 11,000 बसें सड़कों पर होंगी। दिल्ली सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार 1000 वाटर स्प्रिंकलर मशीन लगाएगी। हर वार्ड में 04 मशीन लगाई जाएंगी। हर विधानसभा में एक बड़ी वाटर स्प्रिंकलर मशीन लगाई जाएगी। इसके लिए 300 करोड़ का बजट रखा है। इसके साथ ही इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा, जिससे पूरी दिल्ली पर नजर रखी जाएगी। अभी 40 वायु गुणवत्ता नियंत्रण (एक्यूसीसी) हैं। अब छह और नए एक्यूसीसी लगाए जाएंगे, ताकि वायु की गुणवत्ता की जांच हो सके।

श्रीमती गुप्ता ने कहा, “हमारे पास 5000 मिट्रिक टन कमांड प्रांप्ट या आदेश संकेत (सीएमडी) आधारित प्रबंधन की क्षमता, जिसे बढ़ाकर 6000 मिट्रिक टन करेंगे। उससे टाइल्स बनाई जाएगी।” उन्होंने बताया कि लैंडफिल साइट (कचरा संग्रह केंद्र) पर काम करने के लिए 80 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से आया, लेकिन इन्होंने (आम आदमी पार्टी) वो भी नहीं किया। तीनों कूड़े के ढेर को समयबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और बुनिया अवसंरचना केंद्र पर नजर रखी जाएगी। वेस्ट टू एनर्जी बनाई जाएगी और ई वेस्ट साइट पर ईको पार्क बनाए जाएंगे”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कैग रिपोर्ट ने कई सवालों को उठाया है और बताय है कि कैसे बसों की जरूरत थी, लेकिन पैसों होने के बावजूद उसकाका इस्तेमाल ना करके दिल्ली को बसों से दूर रखा गया। ये नई सरकार इस दिशा में काम करेगी। आज दिल्ली की सड़कों पर 6484 दौड़ रही हैं। इस साल के आखिर तक केवल 3850 बस रह जाएंगी। बाकी बसों को सड़कों से हटा दिया जाएगा। इस साल के आखिर तक हम नई 1500 ईवी बसें और 2800 नई बसें लाएंगे।”

उन्होंने कहा, “दिल्ली में कहीं पर ज्यादा बसें चल रही और कहीं पर कम। इसको देखते हुए मार्गों की समीक्षा की जाएगी। डिम्स का 100 करोड़ रुपये का शेयर 10 करोड़ में बेच दिया गया था। हम लिटिगेशन में जाएंगे। इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाएंगे। वर्ष 2026 तक 18 हजार सरकारी और 30 हजार प्राइवेट चार्जिंग स्टेशन बनाएंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ब्रेक डाउन या चार्जिंग खत्म होने पर बस अपने डिपो वापस भेजनी पड़ती थी या फिर वहीं पर खड़ी रहती थी, वर्तमान सरकार इसका समाधान करेगी। पास के डिपो से चार्जिंग और सपोर्ट करेगी।” उन्होंने कहा, “दिल्ली के बार्डर से कौन सा वाहन आया, कितना प्रदूषण किया पता ही नहीं होता था, लेकिन अब उसके लिए नई नीति लेकर के आएगी। तय किया जाएगा कि उनके लिए कौन सा सर्टिफिकेट होगा. ताकि कोई दिल्ली में आकर प्रदूषण ना कर पाए। थर्ड पार्टी ऑडिट कराएंगे। अगर कोई भ्रष्टाचार में शामिल होगा तो उस पर कार्रवाई करेंगे।”

 

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