रिप्लस का बैटरी विनिर्माण संयंत्र विस्तार योजना का एलान

नई दिल्ली, (वार्ता) बैटरी निर्माण कंपनी रिप्लस ने सोमवार को अपने वर्तमान एक गीगावाट घंटा (जीडब्ल्यूएच) उत्पादन संयंत्र को अगले साल तक छह जीडब्ल्यूएच तक विस्तार करने की योजना का अनावरण किया।

कंपनी ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि इस विस्तार में अगली पीढ़ी की बैटरी तकनीकों को शामिल किया जाएगा ताकि भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ईएसएस) बाजार की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

उन्नत रिप्लस छह जीडब्ल्यूएच संयंत्र को हाई-स्पीड ऑटोमेशन मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस, एडवांस्ड सेल केमिस्ट्री का अपनाना और अगली पीढ़ी के उत्पादों का निर्माण जैसी विशेषताओं के साथ डिजाइन किया जाएगा।

बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए संयंत्र एक सेल केमिस्ट्री और टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक दृष्टिकोण अपनाएगा, जिसमें उच्च ऊर्जा घनत्व सेल, ब्लेड सेल, भविष्य की सेल केमिस्ट्री जैसे एनए-आईऑन, एलएमएफपी और एलटीओ को संभालने की क्षमता होगी।

इस संयंत्र से बनने वाले उत्पाद विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त होंगे, जिनमें ईवी यात्री वाहन, ईवी बसें, ईवी ट्रक और ग्रिड-स्तरीय नवीकरणीय संयंत्र शामिल हैं। इनमें एडवांस्ड बैटरी पैक्स और लिक्विड कूल्ड बीईएसएस कंटेनर सॉल्यूशन का भी निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर एलएनजी भिलवाड़ा समूह के उपाध्यक्ष रिजु झुंझुनवाला ने कहा, “हम हमेशा अपने विभिन्न कारोबारों में स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में अग्रणी रहे हैं। रिप्लस संयंत्र का छह जीडब्ल्यूएच तक विस्तार करना भारत की सतत वृद्धि और ऊर्जा परिवर्तन को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।”

रिप्लस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हिरेन प्रवीन शाह ने कहा, “इस विस्तार के साथ रिप्लस वैश्विक स्तर पर ऊर्जा भंडारण के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। हाई-स्पीड ऑटोमेशन और अगली पीढ़ी की बैटरी तकनीकों को एकीकृत करके हम ईवी और ईएसएस एप्लिकेशन्स के लिए उद्योग में अग्रणी उत्पाद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

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