भुवनेश्वर, (वार्ता) ओडिशा पुलिस अपराध शाखा ने ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश धोखाधड़ी मामले में कथित रूप से शामिल सात अंतर-राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.40 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है और उनके कब्जे से 19 लाख रुपये जब्त किए हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
अपराध शाखा की साइबर अपराध इकाई, अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के सूत्रों ने बताया कि आरोपियों को कर्नाटक और तमिलनाडु के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान ज्योति राजू (39), राजू सी (34), इस्माइल राहिद (27) वसीम (28) के रूप में की है, जो सभी कर्नाटक के हैं और पट्टाराजा एस (34), जगदीश राधाकृष्णन (40) और ई शक्तिकुमारवेल (50) तमिलनाडु के रहने वाले हैं।
गौरतलब है कि भुवनेश्वर के एक शिकायतकर्ता ने 13 जनवरी को साइबर अपराध पुलिस थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें कहा गया कि उसके साथ अज्ञात साइबर जालसाजों ने धोखाधड़ी की है। उन्होंने आईपीओ और ओटीसी ट्रेडिंग में निवेश के माध्यम से उच्च रिटर्न के वादों के साथ उसे प्रलोभन दिया था। उनके आश्वासनों से प्रभावित होकर, उसने ट्रेडिंग शुरू की और 13 नवंबर, 2024 और 01 जनवरी, 2025 के बीच उसने उनके खातों में कुल 1.40 करोड़ रुपेय ट्रांसफर किए।
ट्रेडिंग में शुरुआती घाटे के बावजूद ठगाें ने उसे आगे निवेश करने के लिए मना लिया। हालांकि, जब उसने अपने फंड को निकालने का प्रयास किया, तो उन्होंने अतिरिक्त भुगतान की माँग की और उसका पैसा देने से इनकार कर दिया। उसने अपने साथ ठगी होने अहसास हुआ और तुरंत एक प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की फिलहाल जाँच चल रही है।
आरोपियों के खिलाफ विभन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर क्रमशः कर्नाटक में 11वें एसीजेएम, कोर्ट मेयो हॉल, बैंगलोर, जेएमएफसी-3, शिवमोगा और जेएमएफसी पेरियापटना, सभी कर्नाटक और तमिलनाडु अदालत के समक्ष पेश किया गया है और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया जा रहा है।
जांच दल ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, चेक बुक और डेबिट कार्ड सहित कई आपत्तिजनक सामान जब्त किए हैं। जांच के दौरान, जांच अधिकारी (आईओ) ने जालसाजों से जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। अब तक इन खातों में 15 लाख रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं, जबकि चार लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं, और अन्य धनराशि को वसूलने के प्रयास जारी हैं।